
मिलावटी पनीर लेकर विधानसभा पहुंचे विधायक विक्रम सिंह पाचपुते (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई: शाकाहारी भोजन के शौकीन लोग पनीर की सब्जी बड़े चाव से खाते हैं। खासकर होटलों में पनीर युक्त सब्जी की सर्वाधिक मांग देखने को मिली है लेकिन महाराष्ट्र बीजेपी के एक विधायक का दावा है कि राज्य में मिलने वाला 70 प्रतिशत से अधिक पनीर मिलावटी होता है। इस मिलावटी पनीर का सेवन अर्थात स्वास्थ्य से खिलवाड़ ही है।
विधायक ने मिलावटी पनीर का मुद्दा न सिर्फ विधानसभा में उठाया बल्कि विधानसभा अध्यक्ष को मिलावटी पनीर खाने की चुनौती देकर सरकार और एफडीए को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया।
महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान बुधवार को श्रीगोंदा विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक विक्रम सिंह पाचपुते मिलावटी पनीर के साथ विधानसभा में पहुंच गए। उन्होंने मिलावटी पनीर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हमारे दैनिक भोजन में इस्तेमाल किया जानेवाला 70 से 75% पनीर मिलावटी होता है।
विधायक का दावा है कि उन्होंने इस बारे में एफडीए (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) में भी शिकायत की थी लेकिन एफडीए अधिकारी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। विधायक पचपुते ने विधानसभा अध्यक्ष को पनीर के दो सैंपल देते हुए कहा कि एक असली पनीर है और दूसरा पनीर जैसा दिखने वाला एनालॉग पनीर है। आप चाहें तो चख कर देख ले।
विधायक पाचपुते ने कहा कि हमारे दैनिक आहार में इस्तेमाल किया जानेवाला 70 से 75% पनीर कृत्रिम होता है। यह दूध से नहीं बनाया जाता है। यह पनीर केवल दूध पाउडर और वनस्पति वसा से बनाया जाता है। अर्थात हम अपने बच्चों को भोजन के रूप में पनीर के नाम पर जहर खिला रहे हैं। ये तेल के गोले हैं। यह गंभीर मामला है। यह अकेले मेरे निर्वाचन क्षेत्र का सवाल नहीं है। लेकिन इसके खिलाफ कोई सख्त कानून नहीं है।
विधायक पाचपूते से लगभग एक महीने पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्ववाली महायुति सरकार में जल संसाधन मंत्री व बीजेपी नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मिलावटी पनीर का मुद्दा उठाया था। 10 फरवरी 2025 को एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विखे पाटिल ने कहा था कि राज्य के कई होटलों में जो पनीर परोसा जाता है, वह दूध से नहीं बल्कि वनस्पति तेल से बनाया जाता है।
विखे पाटिल ने कहा कि इसे रोकने के लिए केंद्र को कदम उठाने चाहिए, ताकि असली दूध से बने पनीर की ही बिक्री हो और दूध उत्पादकों को इसका फायदा हो।
होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन (आहार) के अध्यक्ष अरविंद शेट्टी ने मंत्री के दावे पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि उन्हें सबूत के बिना ऐसा बयान नहीं देना चाहिए। शेट्टी का दावा था कि मुंबई में 8,000 और पूरे महाराष्ट्र में 22,000 रेस्टोरेंट हमारे एसोसिएशन से जुड़े हैं और कोई भी मिलावटी पनीर इस्तेमाल नहीं करता।
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शेट्टी ने कहा कि हम ग्राहकों को सिर्फ असली दूध से बना पनीर ही परोसते हैं, जिसे सही तापमान पर रखा जाता है। साथ ही हमारे सभी सदस्य रजिस्टर्ड सप्लायर्स से सामग्री लेते हैं। नियमित जांच कराते हैं और खाने की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखते हैं।






