भंडारा में भीषण गर्मी का खेती पर कहर, लवारी क्षेत्र में बागायती फसलों को भारी नुकसान
Bhandara Heatwave News: भंडारा जिले के साकोली तहसील के लवारी क्षेत्र में भीषण गर्मी और 45 डिग्री तापमान के कारण पपीता और अमरूद की बागायती फसलों को भारी नुकसान हो रहा है।
Sakoli Heatwave (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Bhandara Farmer Crisis News: जिले में इन दिनों तापमान लगातार बढ़ रहा है और पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। भीषण गर्मी और लू का असर अब केवल लोगों के स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि खेतीकिसानी पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तहसील के लवारी क्षेत्र में बढ़ती गर्मी के कारण बागायती फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। तेज धूप के कारण पपीता और अमरूद के बाग झुलसने लगे हैं, जबकि पेड़ों पर लगे फल और फूल जलकर नीचे गिर रहे हैं।
इस प्राकृतिक संकट से बागायती किसान गंभीर आर्थिक परेशानी में फंस गए हैं। लवारी निवासी तथा राज्य शासन की ओर से सम्मानित युवा किसान अनिल किरणापुरे ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि उनके पास डेढ़ एकड़ में पपीते तथा लगभग पौने दो एकड़ में अमरूद का बाग है। कुछ महीने पहले हुई बेमौसम बारिश और अतिवृष्टि से बागों को भारी नुकसान पहुंचा था, जिससे पेड़ों की प्राकृतिक वृद्धि प्रभावित हुई थी।
साकोली में बढ़ते तापमान से फसलें बर्बाद
किसान ने कड़ी मेहनत और उचित देखभाल के जरिए बागों को दोबारा तैयार कर फसल को हार्वेस्टिंग की स्थिति तक पहुंचाया था, लेकिन अब भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान ने फिर से संकट खड़ा कर दिया है। तेज धूप के कारण तैयार फल झुलसकर काले पड़ रहे हैं और समय से पहले गिर रहे हैं।
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उत्पादन घटने की आशंका अत्यधिक गर्मी के कारण पेड़ों पर आए नए फूल और छोटे फल सूखकर खराब हो रहे हैं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है। पपीते के फल पकने से पहले ही गर्मी की मार सहन नहीं कर पा रहे और जमीन पर गिर रहे हैं। पहले ही बेमौसम बारिश से परेशान किसानों के सामने अब गर्मी का यह नया संकट खड़ा हो गया है।
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साकोली के किसानों ने मांगी आर्थिक सहायता
किसानों का कहना है कि बागों पर लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद फसल खराब होने से उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। कृषि विभाग से सर्वे और आर्थिक सहायता की मांग बेमौसम बारिश और अब बढ़ती गर्मी के कारण बागायती किसान पूरी तरह आर्थिक संकट में घिर गए हैं।
किसानों ने मांग की है कि कृषि विभाग और प्रशासन लवारी क्षेत्र के प्रभावित बागों का तत्काल सर्वे कर नुकसान का पंचनामा करे। साथ ही शासन से प्रभावित बागायतदार किसानों को जल्द आर्थिक सहायता देने की मांग भी की गई है। परेशान किसानों ने प्रशासन से इस गंभीर स्थिति पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है।
