मुंबई मेट्रो बनी स्मार्ट: APCMS तकनीक शुरू, खराब होने से पहले ही एआई पहचान लेगा तकनीकी खामी
Mumbai Metro AI Technology: मुंबई मेट्रो ने भारत की पहली एआई-आधारित स्वचालित पैंटोग्राफ निगरानी प्रणाली लॉन्च की है। इस तकनीक से पैंटोग्राफ निरीक्षण का समय 30 मिनट से घटकर कुछ सेकंड रह गया है।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: गोरक्ष पोफली
मेट्रो के चलते काम की फोटो (सोर्स: फाइल फोटो)
Mumbai Metro AI Based Automated Pantograph Monitoring System: अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित शहरी परिवहन व्यवस्था में अपनी अग्रणी भूमिका को आगे बढ़ाते हुए एमएमआरडीए ने भारत की पहली ऑटोमेटेड पैंटोग्राफ कंडीशन मोनिटरिंग सिस्टम (APCMS) महा मुंबई मेट्रो में शुरू की है। एआई-आधारित इस रियल-टाइम मॉनिटरिंग से पैंटोग्राफ निरीक्षण का समय 30 मिनट से घटकर मात्र कुछ सेकंड हो गया है। इससे पेंटोग्राफ के खरखाव और कार्यक्षमता में 90 से 95 प्रतिशत की वृद्धि होगी। यह प्रणाली मेट्रो संचालन और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
क्या है, नई प्रणाली
यह अत्याधुनिक प्रणाली पारंपरिक मैन्युअल निरीक्षण पद्धति की जगह सतत, रियल-टाइम और डेटा-आधारित निगरानी प्रणाली है। इसमे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, हाई-स्पीड लेज़र स्कैनिंग और उन्नत 3D इमेजिंग तकनीक का उपयोग मेट्रो संचालन में होगा।
प्रत्येक विद्युतीकृत मेट्रो नेटवर्क में पैंटोग्राफ ट्रेन और ओवरहेड विद्युत आपूर्ति प्रणाली के बीच अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी होता है। कार्बन स्ट्रिप की असमान घिसावट, दरारें, संरचनात्मक विकृति या अलाइनमेंट में त्रुटियां जैसी समस्या का समाधान समय पर न होने से परिचालन अवरोध और नुकसान हो सकता है।
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चलती ट्रेन के साथ पेंटोग्राफ का निरीक्षण
इसके पहले पैंटोग्राफ निरीक्षण निर्धारित समय के दौरान मैन्युअली किया जाता था। इसमें अधिक समय और मानवबल की आवश्यकता होती थी। साथ ही निरीक्षण केवल निश्चित अंतराल पर होने के कारण सतत निगरानी संभव नहीं थी। नई APCMS प्रणाली ने इस पूरी प्रक्रिया को बदल दिया है। अब प्रत्येक चलती ट्रेन के पैंटोग्राफ का रियल-टाइम में, बिना किसी व्यवधान के स्वयंचलित निरीक्षण किया जाता है। यह पूर्णतः स्वयंचलित वे-साइड मॉनिटरिंग प्रणाली हाई-स्पीड लेज़र स्कैनर, प्रिसिजन इमेजिंग सिस्टम और 3D ट्रायंगुलेशन तकनीक की सहायता से अत्यंत सूक्ष्म ज्यामितीय एवं सतही डेटा एकत्रित करती है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित विश्लेषण प्रणाली इस डेटा का लगातार विश्लेषण कर असामान्यताओं, अन्य गड़बड़ी,उपकरणों में प्रारंभिक घिसावट और क्षति के संकेतों की पहचान पहले ही कर लेती है। यह प्रणाली दिन-रात, बारिश, बदलती रोशनी तथा उच्च गति से गुजरती ट्रेनों जैसी सभी परिस्थितियों में सटीक और निरंतर निरीक्षण परिणाम प्रदान करती है। इससे पारंपरिक कैमरा-आधारित निरीक्षण पद्धतियों की सीमाओं को दूर करने में सफलता मिली है। APCMS प्रणाली पैंटोग्राफ के विभिन्न तकनीकी घटकों का सतत और स्वयंचलित मूल्यांकन करती है।
कई त्रुटियों का पता लगाने में सक्षम
यह कार्बन स्ट्रिप में दरारें, चिप्स, असामान्य घिसावट तथा टूटे हुए हिस्सों की निगरानी करने के साथ-साथ शेष कार्बन मोटाई का सटीक मापन और समय के साथ होने वाली घिसावट का विश्लेषण भी करती है। इससे रखरखाव टीमों को सही समय में पार्ट्स बदलने या अन्य संभावित त्रुटियों को दूर करने में सहायता मिलती है। कार्बन इंटरफेस के अतिरिक्त यह प्रणाली पैंटोग्राफ असेंबली की संरचनात्मक स्थिरता की भी जांच करती है। इसके साथ ही यॉ, रोल और पिच एंगल्स की निगरानी कर अलाइनमेंट से जुड़ी त्रुटियों का पता लगाया जाता है। इस प्रणाली की एक और महत्वपूर्ण विशेषता पैंटोग्राफ अपलिफ्ट व्यवहार का स्वचालित मापन है। इसमें अपलिफ्ट दूरी और अपलिफ्ट फोर्स की निगरानी कर पैंटोग्राफ और ओवरहेड कैटेनेरी प्रणाली के बीच संपर्क की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाता है।
यदि कोई तकनीकी पैरामीटर पूर्व निर्धारित अलार्म सीमा से अधिक पाया जाता है, तो प्रणाली तुरंत रियल-टाइम अलर्ट जारी कर उसे सीधे रखरखाव टीमों और परिचालन नियंत्रण केंद्र तक भेजती है।
प्रत्येक निरीक्षण रिकॉर्ड RFID-आधारित पहचान प्रणाली के माध्यम से संबंधित ट्रेन से जोड़ा जाता है, जिससे पूर्णतः ट्रेस करने योग्य डिजिटल निरीक्षण अहवाल तैयार होता है। इससे डेटाबेस ट्रेंड विश्लेषण, मूल कारणों की पहचान, उपकरणों के लाइफसाइकिल मूल्यांकन और दीर्घकालिक रखरखाव योजना प्रभावी होती है।
मेट्रो परिचालन में सुधार
बताया गया कि APCMS प्रणाली लागू होने के बाद मेट्रो संचालन में प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सतत निगरानी, तेज दोष पहचान और डेटा-आधारित रखरखाव प्राथमिकता के कारण मैन्युअल निरीक्षण पर निर्भरता काफी कम हुई है। पहले जहां पैंटोग्राफ निरीक्षण में लगभग 30 मिनट लगते थे, वहीं अब यह प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाती है। इससे निरीक्षण समय में लगभग 90–95 प्रतिशत की कमी आई है।
स्मार्ट रेल डायग्नॉस्टिक्स – सीएम फड़नवीस
इस अभिनव पहल के माध्यम से एमएमआरडीए ने भारत के मेट्रो क्षेत्र में पहली बार इस प्रकार की अत्याधुनिक तकनीक लागू कर स्मार्ट रेल डायग्नॉस्टिक्स क्षेत्र में मिसाल कायम की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा,भारत की पहली स्वचालित पैंटोग्राफ स्थिति निगरानी प्रणाली (APCMS) का कार्यान्वयन इस बात का प्रतीक है कि महाराष्ट्र अगली पीढ़ी की एआई-आधारित शहरी परिवहन अवसंरचना की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और रियल-टाइम प्रेडिक्टिव डायग्नॉस्टिक्स का मेट्रो संचालन में समावेश मुंबई महानगर क्षेत्र में विश्वस्तरीय अवसंरचना निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। महाराष्ट्र सरकार सार्वजनिक परिवहन को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार बनाने हेतु वैश्विक स्तर की तकनीकों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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बड़ी तकनीकी छलांग – डिप्टी सीएम शिंदे
उपमुख्यमंत्री तथा एमएमआरडीए के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा, कि भारत की पहली स्वचालित पैंटोग्राफ स्थिति निगरानी प्रणाली (APCMS) देश के शहरी परिवहन क्षेत्र में एक बड़ी तकनीकी छलांग है। यह भविष्य उन्मुख मेट्रो इंफ्रा विकसित करने की एमएमआरडीए की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्नत एआई-आधारित मॉनिटरिंग और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस तकनीकों का फायदा लोगों को होगा।
कसित कर रहे हैं।
विश्व स्तरीय स्मार्ट प्रणाली – डॉ संजय मुखर्जी
एमएमआरडीए आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने कहा कि महा मेट्रो के माध्यम से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और किफायती सार्वजनिक परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विश्व स्तरीय स्मार्ट प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं। यह ट्रेन डाउनटाइम को कम करेगी, फ्लीट उपलब्धता बढ़ाएगी, परिचालन को मजबूत करने के साथ सुरक्षा को बढ़ाएगी।
