इस जमीन पर बनेगा शॉपिंग कॉम्पलेक्स (सौजन्य-नवभारत)
MSRTC Revenue Generation: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम अपने राजस्व में वृद्धि करने के लिए अब व्यावसायिक संपत्तियों के दोहन पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसी कड़ी में भंडारा शहर के मुख्य बस स्टैंड के उत्तरी दिशा में स्थित खाली पड़ी बेशकीमती जमीन पर एक भव्य और आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने का निर्णय लिया गया है। यह नया संकुल भंडारा बस स्टैंड के पास निगम की दूसरी बड़ी व्यावसायिक परियोजना होगी।
इस परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी अर्थात पीपीपी मॉडल के आधार पर विकसित किया जाएगा। निगम का लक्ष्य इस भूखंड का अधिकतम व्यावसायिक लाभ उठाना है ताकि बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर के माध्यम से विभाग को दीर्घकालिक और नियमित आय प्राप्त हो सके।
उल्लेखनीय है कि बस स्टैंड के समीप स्थित यह भूखंड पिछले कई दशकों से रिक्त पड़ा हुआ था। सुरक्षा दीवार के अभाव में इस स्थान का दुरुपयोग हो रहा था। स्थानीय नागरिक और राहगीर इस जगह का उपयोग कूड़ा फेंकने और लघुशंका के लिए कर रहे थे, जिससे बस स्टैंड के पास गंदगी का साम्राज्य बना रहता था। इस स्थान की महत्ता को देखते हुए नगर परिषद की नजर भी इस पर टिकी थी।
नगर परिषद ने तो इस स्थान पर अपने नए कार्यालय भवन का निर्माण कार्य तक प्रारंभ कर दिया था। नप की ओर से जमीन स्तर तक कॉलम का निर्माण भी कर लिया गया था, क्योंकि परिषद को अपने वर्तमान कार्यालय के लिए अतिरिक्त जगह की आवश्यकता महसूस हो रही है।हालांकि, जैसे ही नगर परिषद का निर्माण कार्य शुरू हुआ, एसटी विभाग ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
विभाग ने भूखंड के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए इसे अपनी निजी संपत्ति बताया और तत्काल प्रभाव से वहां बाउंड्री वॉल खड़ी कर जमीन को अपने कब्जे में ले लिया। इस विवाद के शांत होने के बाद से ही विभाग इस जमीन के व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं पर विचार कर रहा था।
मुंबई स्थित मुख्यालय की ओर से नियुक्त आर्किटेक्ट को सभी आवश्यक नक्शे और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं। अब निर्माण के संबंध में अंतिम तकनीकी निर्णय और कुल लागत का निर्धारण उन्हीं के स्तर पर किया जाएगा। इस पूरी परियोजना को पीपीपी मॉडल के तहत विकसित किया जाना है, जिससे निगम को बिना बड़े निवेश के भविष्य में अतिरिक्त और स्थिर आय प्राप्त होगी। यह कदम विभाग की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।
यह भी पढे़ं – मंत्री पद क्या चाटने के लिए है? भूखंड मामले में गणेश नाईक ने क्यों लिया एकनाथ शिंदे का नाम, बोले- शर्म आती है
परिवहन निगम के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि बस स्टैंड के आसपास का क्षेत्र व्यापारिक दृष्टि से सबसे अधिक सक्रिय होता है। यहाँ प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए ग्राहकों की कमी नहीं होती।
ऐसी प्राइम लोकेशन पर दुकानें और शोरूम आसानी से किराए पर उठ जाते हैं, जिससे निगम के खजाने में निरंतर राजस्व आता रहता है।भंडारा में प्रस्तावित इस बड़ी परियोजना को अमली जामा पहनाने के लिए मुंबई स्थित एसटी मुख्यालय ने अब एक विशेष आर्केटेक्ट की नियुक्ति कर दी है।
स्थानीय स्तर से जमीन के नक्शे, खसरा विवरण और अन्य तकनीकी दस्तावेज मुख्यालय भेज दिए गए हैं। अब नियुक्त आर्केटेक्ट ही इस पूरी बिल्डिंग का अंतिम डिजाइन और लेआउट तैयार करेंगे। इसके साथ ही परियोजना की कुल अनुमानित लागत का निर्धारण भी उन्हीं के माध्यम से किया जा सकता है।