गड़चिरोली में 15 हजार डॉक्टरों की भर्ती करेगी सरकार; अति-दुर्गम क्षेत्रों को मिलेगी पहली प्राथमिकता!
Gadchiroli Health Minister Meeting: गड़चिरोली में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर का बड़ा फैसला। सिकलसेल जांच मुहिम मिशन मोड पर चलेगी, 15 हजार डॉक्टरों की होगी भर्ती।
- Written By: प्रिया जैस
मंत्री प्रकाश आबिटकर (सौजन्य-नवभारत)
Sickle Cell Mission Gadchiroli: दर्जायुक्त और सर्वसमावेशक स्वास्थ्य सेवा देना सरकार की जिम्मेदारी है। जिले के प्रत्येक नागरिकों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। एक भी नागरिक स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे, यह जिम्मेदारी हम निश्चित तौर पर निभाएंगे, ऐसा कथन राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर ने किया।
जिप के वीर बाबूराव शेडमाके सभागृह में शनिवार को बैठक का आयोजन किया गया था। इस समय विधायक डा। मिलिंद नरोटे, विधायक रामदास मसराम, जिप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा। प्रताप शिंदे जिला शल्यचकित्सक डा। वर्षा लहाडे आदि समेत अधिकारी उपस्थित थे।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा केवल उपचार तक सीमित नहीं है, प्रतिबंधात्मक स्वास्थ्य जांच, दवा की उपलब्धता, आपात्कालीन सेवा तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता का समन्वय होना आवश्यक होने की बात कही। सिकलसेल का प्रमाण आदिवासी क्षेत्र में लक्षणीय होने से सिकलसेल जांच मुहिम को मिशन मोड में चलाने के निर्देश दिए गए है। “सिकलसेल जांच से एक भी व्यक्ति न छूटे, ऐसा कहते हुए उन्होंने सरकारी अस्पताल के साथ निजी अस्पताल भी मुहिम में सक्रिय सहभाग लें।
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दवा व रिपोर्ट समय पर दें
- कुष्ठरोग निर्मूलन, नियमित टीकाकरण, मातृ व बाल स्वास्थ्य, कुपोषण नियंत्रण तथा औद्योगिक वृद्धि से निर्माण होने वाले श्वसन विकारों पर नियंत्रण के लिए समन्वित नियोजन किया जा रहा है।
- प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ग्रामीण अस्पताल व जिला अस्पताल स्तर पर आवश्यक दवाइयां व जांच सुविधा उपलब्ध होना अनिवार्य है।
- दवाइयों में कमी या जांच रिपोर्ट देने में होने वाला विलंब कदापि सहन नहीं किया जाएगा।
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दुर्गम क्षेत्र में आपत्कालीन सेवा पहुंचाएं
108 व 102 एम्बुलेंस सेवा अधिक कार्यक्षम करने के लिए सुधार किया जाने वाला है। उचित सेवा न देने वाले एम्बुलेंस के देयके अदा न करें, ऐसी सूचना उन्होने स्वास्थ्य विभाग को दी। दुर्गम क्षेत्र में आपत्कालीन सेवा समय पर पहुंचे, इसलिए नियंत्रण कक्ष व प्रतिसाद प्रणाली अधिक सक्षम की जाने वाली है। राज्य में शीघ्र ही 15 हजार वैद्यकीय अधिकारी की नियुक्ति की जाने वाली है।
इसमें से आदिवासी व अतिदुर्गम क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। नए से पदोन्नत अधिकारियों को प्राथमिकता ऐसे क्षेत्र में नियुक्त करने का मानस है। दुर्गम क्षेत्र में सेवा देने वाले वैद्यकीय अधिकारियों को अधिक का मानधन देने संदर्भ में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
महात्मा फुले जनआरोग्य योजना अंतर्गत अधिक से अधिक निजी अस्पताल सहभाग लेकर जरूरतमंद व गरीब मरीजों को निशुल्क व दर्जायुक्त उपचार दें, ऐसा आह्वान करते हुए सार्वजनिक व निजी स्वास्थ्य व्यवस्था में समन्वय रखने पर जोर दिया। इस दौरान इंडियन मेडिकल असोसिएशन द्वारा विभिन्न मांगो का ज्ञापन सौंपा गया। मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
