Jhari Pond :झरी गांव में तालाब (सोर्सः सोशल मीडिया)
Pardi Village : लाखांदुर तहसील के झरी गांव में मालिकाना हक वाले तालाब के पानी को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तीखा संघर्ष शुरू हो गया है। कानूनी रूप से ग्रामीणों के अधिकार वाले इस तालाब से प्रशासन की ओर से दूसरे गांव को पानी छोड़ने की कोशिश किए जाने पर गुरुवार को गांव में भारी जनाक्रोश देखने को मिला। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि ग्रामीणों ने तालाब में उतरकर जलसमाधी लेने की चेतावनी दे डाली।
विवाद का मुख्य कारण प्रशासन की ओर से रोटेशन पद्धति से इस तालाब का पानी अन्य गांवों, विशेषकर पारडी गांव को देने का निर्णय है। ग्राम झरी के निवासियों का दावा है कि यह तालाब कानूनी तौर पर उनके मालिकाना हक में आता है। गुरुवार को जब सिंचाई विभाग के अधिकारी और नायब तहसीलदार पुलिस बल के साथ पानी छोड़ने पहुंचे, तो महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित पूरा गांव तालाब पर इकट्ठा हो गया और सरकारी कार्यवाही का विरोध किया।
ग्रामीणों का कहना है कि निस्तार पत्रक के अनुसार उन्हें इस तालाब के 33 प्रतिशत पानी का कानूनी अधिकार है। इसके अलावा, तालाब प्रबंधन के लिए बनाई गई दो सोसायटियों में झरी गांव का एक भी सदस्य शामिल नहीं है, जिसका ग्रामीण कड़ा विरोध कर रहे हैं।
सरपंच नंदकिशोर मंडाले ने स्पष्ट किया है कि यह तालाब उनकी जमीन पर है और उनके नाम पर दर्ज है, इसलिए वे दूसरे गांव को पानी की एक बूंद भी नहीं देंगे। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसी भी प्रकार का लिखित आश्वासन देने से इनकार करने पर ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया।
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पिछले पांच वर्षों से चल रहा यह विवाद अब उग्र रूप ले चुका है। मौके पर तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया है। अब पूरे जिले की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे का क्या समाधान निकालता है।