Gondia News: कार्यालयों से शिकायत पेटियां गायब, प्रशासन की अनदेखी, असमंजस की स्थिति बरकरार
Complaint Box: गोंदिया जिले में सरकारी कार्यालयों से शिकायत पेटियां गायब हो गई हैं, जिससे नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज करने में कठिनाई हो रही है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Complaint box:गोंदिया जिले (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gondia Citizens: गोंदिया शहर और तहसील में सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली के बारे में नागरिकों के पास विभिन्न शिकायतें हैं। इन शिकायतों को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों में शिकायत पेटियां लगाने का निर्देश दिया था। लेकिन अब इन शिकायत पेटियों का पता नहीं चल रहा है। इस स्थिति ने नागरिकों को असमंजस में डाल दिया है कि वे अपनी शिकायतें कहां दर्ज करें।
प्रतिदिन, ग्रामीण क्षेत्रों से कई नागरिक अपने कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों में जाते हैं और इस दौरान उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नागरिक अक्सर अपनी शिकायतें शिकायत पेटी में डालते थे, लेकिन अब शिकायत पेटियां गायब होने से यह सवाल खड़ा हो गया है कि वे अपनी शिकायतें कहां करें। कई सरकारी कार्यालयों में नागरिकों को तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है। अधिकारी और कर्मचारी नियम, शर्तें, काम का बोझ आदि कारणों से नागरिकों को टालमटोल जवाब देते हैं। इससे आम नागरिकों को परेशानी हो रही है।
दबाव में आकर शिकायत दर्ज करने की अनुमति नहीं
जब नागरिक शिकायत दर्ज कराने के लिए संबंधित कार्यालय में जाते हैं, तो अधिकारी अक्सर अनुपस्थित होते हैं या अन्य कर्मचारी शिकायत लेने के लिए तैयार नहीं होते। इससे नागरिकों के मन में यह सवाल उठता है कि वे शिकायत किससे करें। कई बार जब कोई गंभीर शिकायत करता है, तो संबंधित अधिकारी दबाव में आकर शिकायत दर्ज करने की अनुमति नहीं देते। ऐसे में यह सवाल उठता है कि शिकायत किससे की जाए।
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पहले थी शिकायत पेटी
कुछ साल पहले, सरकार ने सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों में शिकायत पेटियां लगाने का निर्णय लिया था, ताकि नागरिकों के लिए अपनी शिकायतें दर्ज करना आसान हो सके। इससे अधिकारी भी सतर्क रहते थे। लेकिन अब शिकायत पेटियां उपलब्ध नहीं हैं, जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि सरकारी कार्यालयों में प्रशासनिक कार्य जोरों से चल रहा है, जबकि शिकायतों का समाधान नहीं किया जा रहा।
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गुप्त शिकायतकर्ताओं के लिए मुश्किल
गुप्त शिकायतकर्ताओं के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो गई है। नागरिकों को अब यह समझ में नहीं आ रहा कि वे अपनी शिकायतें कहां दर्ज करें। एक भ्रष्ट प्रशासनिक अधिकारी के बारे में शिकायत करना अब और भी मुश्किल हो गया है। खासकर ग्रामीण इलाकों में नागरिकों की असमंजस की स्थिति बरकरार है।
