Bhandara News: गोसीखुर्द में 245.5 मीटर पूर्ण संचय क्षमता, लंबी प्रतीक्षा के बाद ऐतिहासिक सफलता

Vidarbha Irrigation Project: 34 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद गोसीखुर्द बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना ने 245.5 मीटर की पूर्ण संचय क्षमता हासिल कर ली है, जिससे विदर्भ में जल सुरक्षा, कृषि विकास और ग्रामीण
Gosikhurd Dam Water Level
Vidarbha Irrigation Project: गोसीखुर्द बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना
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Gosikhurd Dam Water Level: गोसीखुर्द बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना ने विदर्भ के विकास इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद 13 जनवरी 2026 को गोसीखुर्द जलाशय ने अपनी पूर्ण संचय क्षमता तलांक 245.500 मीटर को शत-प्रतिशत हासिल कर लिया। यह उपलब्धि न केवल जलसंपदा विभाग के लिए गौरव का विषय है, बल्कि परियोजना के इतिहास में दूसरी बार ऐसा महत्वपूर्ण क्षण है, जिसने विदर्भ की जल-समृद्धि को लेकर नई उम्मीदें जगाई हैं।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला 22 अप्रैल 1988 को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने रखी थी। वर्ष 1989 में वास्तविक निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन तकनीकी चुनौतियां, प्रशासनिक अड़चनें और सामाजिक समस्याएं समय-समय पर बाधा बनती रहीं। इसके बावजूद सतत प्रयासों के चलते दिसंबर 2008 में बांध की घडभराई पूरी की गई। मिट्टी बांध, सांडवा, विमोचक सहित परियोजना के सभी घटकों का निर्माण कार्य अब पूरी तरह पूर्ण हो चुका है।

पूर्ण संचय क्षमता प्राप्त की

इससे पहले 9 जनवरी 2022 को जलाशय में 1146.075 दलघमी जलसंग्रह कर पूर्ण संचय स्तर तक पहुंचने में सफलता मिली थी। इसके बाद अब 13 जनवरी 2026 को विदर्भ पाटबंधारे विकास महामंडल, नागपुर के कार्यकारी संचालक राजेश सोनटक्के, मुख्य अभियंता जयंत गवली और अधीक्षक अभियंता राजेश पाटील के मार्गदर्शन में उपविभागीय अधिकारी राजेश डुमणे, योगेश बोरकर तथा कनिष्ठ अभियंता धैर्यशील पाटिल के समन्वित प्रयासों से गोसीखुर्द जलाशय ने एक बार फिर अपनी पूर्ण संचय क्षमता प्राप्त की है।

34 वर्षों का सपना हुआ साकार

परियोजना की शुरुआत के बाद बीते 34 वर्षों तक चले निरंतर परिश्रम, दृढ़ संकल्प और तकनीकी दक्षता का यह ऐतिहासिक परिणाम है। इस सफलता ने जलसंपदा विभाग के अभियंताओं के समर्पण को सम्मानित किया है, साथ ही परियोजना को गति देने वाले सामाजिक और राजनीतिक सहयोग को भी सार्थक सिद्ध किया है। गोसीखुर्द परियोजना के अंतर्गत दायां और बायां मुख्य नहर, चार जलाशयों पर आधारित लिफ्ट सिंचाई योजनाएं, नहरों पर पांच लिफ्ट सिंचाई योजनाएं, घोडाझरी शाखा नहर तथा असोलामेंढा क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्थाएं शामिल हैं।

1,24,871 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ

इस परियोजना के माध्यम से भंडारा, नागपुर और चंद्रपुर जिलों के हजारों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो रही है। दिसंबर 2025 तक परियोजना की कुल 2,59,512 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता में से 2,09,954 हेक्टेयर क्षमता का सृजन किया जा चुका है, जबकि 1,24,871 हेक्टेयर भूमि को प्रत्यक्ष रूप से सिंचाई का लाभ मिल चुका है।

गोसीखुर्द जलाशय का शत-प्रतिशत भराव विदर्भ क्षेत्र के लिए जल सुरक्षा, कृषि समृद्धि और ग्रामीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की मजबूत नींव बनेगा।

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