छह महीनों से तासिका शिक्षक मानदेय से वंचित, अध्यापन बंद करने की चेतावनी, छात्रों की पढ़ाई पर संकट
Honorarium Pending: भंडारा जिले में ज़िला परिषद स्कूलों के तासिका शिक्षकों को छह महिनों से मानदेय नहीं मिला, जिससे वे अध्यापन बंद करने की चेतावनी दे रहे हैं और छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर संकट है।
- Written By: आंचल लोखंडे
छह महीनों से तासिका शिक्षक मानदेय से वंचित
Bhandara ZP Teachers: भंडारा जिले की ज़िला परिषद (ZP) स्कूलों में तासिका आधार पर कार्यरत शिक्षकों को पिछले छह महीनों से मानदेय प्राप्त नहीं हुआ है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 शुरू होने के बाद से नियमित शिक्षकों की तरह पूरे समय कार्य करने के बावजूद प्रशासनिक उदासीनता के कारण ये शिक्षक भुखमरी जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। बकाया मानदेय को लेकर इन शिक्षकों ने अब अध्यापन कार्य बंद करने की चेतावनी दी है, जिससे छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
ज़िला परिषद स्कूलों में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के कारण D.Ed. और B.Ed. धारक पात्र युवा ‘तासिका शिक्षक’ के रूप में सेवा दे रहे हैं। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक उपस्थित रहकर ये शिक्षक अध्यापन कार्य के साथ-साथ सभी शैक्षणिक जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा से निभाते हैं।
नियमित शिक्षकों जितना ही काम, पर मानदेय अधर में
इसके बावजूद मानदेय बहुत कम और समय पर भी नहीं। इससे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की जा रही है।
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परिवार का भरण-पोषण कठिन
नियमित शिक्षकों को कुछ दिनों का वेतन विलंब भी प्रभावित करता है, वहीं छह महीनों से मानदेय न पाने वाले तासिका शिक्षकों के समक्ष जीवन यापन का बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है।
शिक्षकों का कहना है कि “हम छात्रों का नुकसान न हो, इसलिए ईमानदारी से काम करते हैं, लेकिन हमारे परिवार की आर्थिक समस्या पर विभाग ध्यान नहीं दे रहा।”
10वीं-12वीं के छात्रों पर परीक्षा संकट
- बोर्ड परीक्षाएं निकट हैं।
- अभ्यास परीक्षा (सराव परीक्षा)
- प्रायोगिक कार्य
- परीक्षा तैयारी
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ऐसे अहम समय पर यदि शिक्षक आंदोलन पर उतरते हैं तो सीधे छात्रों के परिणाम प्रभावित होंगे। स्कूल प्रबंधन समितियों ने ज़िला परिषद और शिक्षा विभाग से बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान करने की मांग की है।
शिक्षकों की प्रतिक्रिया
तासिका शिक्षक एम. डब्ल्यू. खोब्रागड़े ने कहा कि “कई वर्षों से तासिका शिक्षक के रूप में छात्रों के नुकसान को टालने के लिए हम सेवा दे रहे हैं। लेकिन छह महीनों से मानदेय न मिलने से परिवार चलाना असंभव हो गया है। यदि तत्काल संज्ञान नहीं लिया गया, तो हमें अध्यापन बंद करना पड़ेगा।”
