सुनेत्रा पवार ने की अजित पवार प्लेन क्रैश मामले की सीबीआई जांच की मांग (डिजाइन फोटो)
Sunetra Pawar CBI Probe Demand: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की औपचारिक मांग की है।
मंगलवार को मीडिया से रूबरू होते हुए सुनील तटकरे ने स्पष्ट किया कि अजित दादा के निधन के बाद उपजे संदेहों को देखते हुए परिवार और पार्टी दोनों ही इस मामले में पूरी पारदर्शिता चाहते हैं। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से अपील की है कि इस उच्च स्तरीय जांच को तुरंत मंजूरी दी जाए, जिससे किसी भी तरह की साजिश की संभावना की पुष्टि हो सके।
अजित पवार की मौत 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट के पास हुए एक दुखद प्लेन क्रैश में हुई थी। यह हादसा ‘लियरजेट’ (Learjet) एयरक्राफ्ट के साथ हुआ था, जिसके बाद से ही इस भयानक दुर्घटना की वजहों पर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना के बाद से ही महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में गहमागहमी तेज हो गई है क्योंकि लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या यह सिर्फ एक एक्सीडेंट था या इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश थी। सुनेत्रा पवार ने जांच की मांग पर जोर देते हुए कहा है कि इस घटना के पीछे की सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी है।
इस मांग से पहले ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) विधायक रोहित पवार ने भी इस हादसे को लेकर विस्फोटक बयान दिए थे। रोहित पवार ने आरोप लगाया कि पिछले महीने हुए इस क्रैश में साजिश का शक है और उन्होंने कई एक्सपर्ट एजेंसियों से पूरी जांच की मांग की है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोहित पवार ने कहा कि बारामती में हुए हादसे के क्रम और कई अनसुलझे सवालों ने इस बात पर गंभीर शक पैदा किया है कि क्या यह घटना केवल एक दुर्घटना थी। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि मामले के अहम सबूतों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। रोहित पवार ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि उन्हें केवल कागजी रिपोर्ट पर भरोसा नहीं है, बल्कि उन्हें सभी सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल रिकॉर्ड्स चाहिए।
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अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र में कई अन्य विवाद भी गहरा रहे हैं, विशेषकर फाइलों की मंजूरी को लेकर। रिपोर्टों के अनुसार, उनके निधन के बाद भी 75 संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा देने की मंजूरियों समेत कई फाइलें धड़ल्ले से क्लियर की गईं, जिन पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस अल्पसंख्यक प्रमाणपत्र विवाद की जांच के आदेश भी दिए हैं। इन सभी उलझनों ने अजित पवार की मौत के मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, जिसके चलते अब परिवार ने सीबीआई का दरवाजा खटखटाया है।