
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया )
District Development: भंडारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के दूसरे चरण के अंतर्गत भंडारा जिले की स्वच्छता और स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 10 करोड़ 16 लाख 45 हजार रुपये की निधि मंजूर की गई है। इस राशि से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत और सार्वजनिक शौचालयों का जाल बिछाया जा रहा है।
अब तक जिले में 18,306 व्यक्तिगत और 124 सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। शौचालय निर्माण की प्रगति की समीक्षा प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुल निधि में से 9 करोड़ 87 लाख 52 हजार रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि 28 लाख 93 हजार रुपये शेष हैं।
जिले में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की प्रगति की समीक्षा करने पर साकोली तहसील का प्रदर्शन सबसे बेहतर पाया गया है। साकोली में केवल 2.46 प्रतिशत काम शेष है, जो जिले में सबसे कम है। इसके विपरीत, पवनी तहसील में अभी भी 34.93 प्रतिशत कार्य अपूर्ण है, जो प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
| तहसील | कुल लाभार्थी | फोटो अपलोड पूर्ण | लंबित कार्य |
|---|---|---|---|
| भंडारा | 3,447 | 2,859 | 588 |
| लाखांदूर | 4,473 | 4,323 | 150 |
| लाखनी | 2,888 | 2,366 | 522 |
| मोहाडी | 3,186 | 3,064 | 122 |
| पवनी | 1,928 | 1,658 | 270 |
| साकोली | 1,766 | 1,743 | 23 |
| तुमसर | 2,419 | 2,293 | 126 |
| कुल | 20,107 | 18,306 | 1,801 |
ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वच्छता के लिए जिले में 142 नए सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के प्रस्ताव मंजूर किए गए थे। इन सभी कार्यों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके है, जिनमें से 124 परिसरों का निर्माण पूरा हो चुका है।
शेष 18 परिसरों का काम अंतिम चरण में है। तुमसर तहसील में सर्वाधिक 31 प्रस्तावी में से 28 कार्य पूर्ण हो चुके है। जिला प्रशासन ने स्वच्छता के स्तर को बनाए रखने के लिए सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के सरात निर्देश दिए है।
प्रशासन का कहना है कि शौचालयों के निर्माण के साथ-साथ उनकी ऑनलाइन प्रविष्टि और फोटो अपलोड करना अनिवार्य है, ताकि लाभार्थियों को अनुदान राशि मिलने में कोई बाधा न आए।
जिले में इस योजना के लिए कुल 20,107 लाभार्थियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 18.306 लाभार्थियों के शौचालयों का निर्माण पूर्ण कर उनके छायाचित्र ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं।
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हालांकि, तकनीकी कारणों या कार्य की धीमी गति की वजह से 1,801 लाभार्थियों के फोटो अपलोड करने की प्रक्रिया अभी भी लंबित है। इसमें भडारा तहसील के 588, लाखनी के 522 और पवनी के 270 लाभार्थी शामिल है।






