बारिश से हुई क्षति, पर मिट्टी में नमी हो रही संजीवनी साबित (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Bhandara News: पिछले महीने हुई बेमौसम वर्षा ने जहां खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया, वहीं उसी बारिश से जमीन में हुई नमी अब रबी सीजन के लिए संजीवनी साबित हो रही है। खरीफ की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है और खेतों में मौजूद नमी के कारण रबी बुआई को रफ्तार मिल रही है। कृषि विभाग के अनुमान के अनुसार इस वर्ष जिले में कुल 86,174 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की बुआई होने जा रही है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15 हजार हेक्टेयर अधिक है।
अगस्त व सितंबर की अतिवृष्टि से कई क्षेत्रों में धान की फसलें पानी में डूब गई थीं।किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा, लेकिन इसी बारिश ने जमीन में जो नमी पैदा की, वह अब रबी सीजन के लिए लाभकारी साबित हो रही है। जिले के प्रमुख जलाशयों, तालाबों व सिंचाई परियोजनाओं में पर्याप्त जल संग्रह है, जिससे रबी फसलों के विकास और उत्पादन में बढ़ोत्तरी की उम्मीद है।
खरीफ की कटाई और बेमौसम बारिश के कारण रबी बुआई की शुरुआत कुछ देर से हुई, लेकिन पिछले कुछ दिनों से मौसम स्थिर रहने और मिट्टी में नमी बढ़ने से किसान बड़े पैमाने पर बुआई में जुट गए हैं। हल्के और मध्यम धान की कटाई शुरू हो गई है, जबकि चना और गेहूं की बुआई तेजी से आगे बढ़ रही है। अब तक जिले में 1198.20 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
कृषि विभाग के अनुसार रबी फसलों के लिए आवश्यक बीज व खाद जिले में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। साथ ही सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से किसानों को नियमित पानी उपलब्ध कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इस बार सिंचाई सुविधा बेहतर होने और बाजार में स्थिर भाव रहने से किसानों का रुझान गेहूं की ओर बढ़ा है। चना का क्षेत्र पिछले वर्ष के 16,478 हेक्टेयर से बढ़कर 17,300 हेक्टेयर होने का अनुमान है, जबकि गेहूं का क्षेत्र 12,339 हेक्टेयर से बढ़कर 14,000 हेक्टेयर तक पहुंच सकता है.
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी संगीता माने ने कहा कि भंडारा जिले की वर्तमान मौसम स्थिति, मिट्टी में नमी और जलसंग्रह की उपलब्धता को देखते हुए इस वर्ष का रबी सीजन काफी उम्मीदें लेकर आया है।अतिवृष्टि से भले ही खरीफ फसलें प्रभावित हुई हों, लेकिन इसी नमी से रबी की फसलों में सुधार होगा।मौसम स्थिर रहा तो गेहूं, चना, मक्का और राई के उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी संभव है।
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भंडारा जिले की वर्तमान मौसम स्थिति, मिट्टी में नमी और जलसंग्रह की उपलब्धता को देखते हुए इस वर्ष का रबी सीजन काफी उम्मीदे लेकर आया है।अतिवृष्टि से भले ही खरीफ फसले प्रभावित हुई है, लेकिन इसी नमी से रबी की फसलों में सुधार होगा।मौसम स्थिर रहा तो गेहूं, बना, मक्का और राई के उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी संभव है। अब तक जिले में 1198.20 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। कृषि विभाग के अनुसार रबी फसलों के लिए आवश्यक बीज व खाद जिले में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, साथ ही सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से किसानों को नियमित पानी उपलब्ध कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
इस बार सिंचाई सुविधा बेहतर होने और बाजार में राई और मक्का में बड़ी बढ़त इस वर्ष राई की बुआई में सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज होने जा रही है। पिछले वर्ष जहां 1.382 हेक्टेयर में राई की फसल ली गई थी, वहीं इस बार यह क्षेत्र बढ़कर लगभग 10,000 हेक्टेयर तक पहुंचने का अनुमान है।इसी तरह मक्का का क्षेत्र 2,134 हेक्टेयर से बढ़कर 4,000 हेक्टेयर होने की संभावना है, इसके अलावा बटरा 8,720 हेक्टेयर, सब्जीभाजी 5,200 हेक्टेयर, मूंग 5.695 हेक्टेयर, मसाला फसले 2.744 हेक्टेयर, अन्य फसलें 1,894 हेक्टेयर तथा गन्ना 471 हेक्टेयर क्षेत्र में लिया जाएगा।