
भंडारा में थाने में प्रदर्शन (सौजन्य-नवभारत)
Adyal Police Station Protest: भंडारा जिले के पवनी तहसील के भावड स्थित जागृत देवस्थान में देव प्रतिमा का अपमान किया गया। इस निंदनीय घटना के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। घटना शनिवार की सुबह उजागर हुई थी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रशासन को दी गई 24 घंटे की समयसीमा समाप्त होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज शिवभक्तों ने रविवार को भावड से अड्याल तक भव्य जनआक्रोश मोर्चा निकाला।
हजारों श्रद्धालु, सैकड़ों दोपहिया वाहन और ट्रैक्टरों के साथ करीब 12 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए ‘हर हर महादेव’ के जयघोष के साथ शिवभक्त अड्याल पुलिस स्टेशन पर पहुंचे और थाने के सामने धरना दिया।
धरने के दौरान आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल एक गांव तक सीमित नहीं है। जब तक दोषी को गिरफ्तार कर न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ी तो भंडारा, नागपुर और मुंबई तक आंदोलन ले जाने की चेतावनी भी दी गई।
आंदोलनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले भी परिसर में ऐसी दो घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक आरोपियों का पता नहीं चल पाया है। जनता की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना पुलिस का कर्तव्य है, इसके बावजूद पुलिस प्रशासन की भूमिका संदिग्ध होने का आरोप लगाया गया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने अपर पुलिस अधीक्षक नीलेश मोरे की मौजूदगी में भंडारा जिला पुलिस अधीक्षक नूरुल हसन की भूमिका की कड़े शब्दों में निंदा की। भोंडेकर ने आरोप लगाया कि शनिवार को हुए आंदोलन के दौरान पुलिस अधीक्षक ने मंदिर समिति पदाधिकारियों और आंदोलनकारियों पर अपराध दर्ज करने की धमकी दी थी।
यह भी पढ़ें – भाजपा से निकाली जाएगी नवनीत राणा? 22 उम्मीदवारों ने सीएम फडणवीस से की शिकायत, जानें पूरा मामला
उन्होंने कहा, आंदोलनकारियों को धमकाने के बजाय पुलिस को आरोपियों की तलाश पर ध्यान देना चाहिए। यह तानाशाही नहीं, लोकतंत्र है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आंदोलनकारियों पर मामले दर्ज किए गए तो जिला पुलिस अधीक्षक के निलंबन की मांग की जाएगी।
जनआक्रोश मोर्चे में पवनी पंचायत समिति के उपसभापति व मंदिर समिति अध्यक्ष प्रमोद मेंढे, पूर्व जिप सदस्य रेखा भुसारी, देवेंद्र हजारे, किशोर पंचभाई, रविकिरण भुसारी सहित पवनी तहसील के सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। शिष्टमंडल ने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर इससे भी उग्र मोर्चा निकाला जाएगा।






