एलपीजी सिलेंडर 1000 रुपये के पार, भंडारा में महंगाई ने बिगाड़ा घरेलू बजट
LPG Gas Cylinder Price Hike: भंडारा में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹29 बढ़कर ₹1,003 पार होने से आम जनता का बजट पूरी तरह चरमरा गया है। पिछले तीन महीनों में LPG की कीमतों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है।
- Written By: केतकी मोडक
भंडारा में LPG की कीमतों में बढ़ोतरी कि प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
LPG Gas Cylinder Price Hike In Bhandara: लगातार बढ़ती महंगाई से त्रस्त आम जनता को एक बार फिर बड़ा आर्थिक झटका लगा है। घरेलू इस्तेमाल के 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमत में सीधे 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें 7 जून से लागू हो चुकी हैं। इस अचानक हुए फैसले से आम नागरिकों के घर का बजट पूरी तरह चरमरा गया है और अब गैस सिलेंडर के दाम एक हजार रुपये के पार पहुंच गए हैं।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े असर और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण सरकारी तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। इस पृष्ठभूमि में की गई बढ़ोतरी के बाद भंडारा जिले में गैस सिलेंडर के दाम 974 रुपये से बढ़कर अब 1003 रुपये हो गए हैं। स्थानीय करों और परिवहन लागत के कारण अंतिम कीमतों में थोड़ा बहुत बदलाव संभव है।
पिछले तीन महीनों में LPG की कीमतों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले 7 मार्च को दामों में 60 रुपये की वृद्धि की गई थी। इस तरह बहुत ही कम समय में कुल 89 रुपये की वृद्धि होने से नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। यह बढ़ोतरी आम गृहिणियों के लिए सिरदर्द साबित हो रही है। पहले से ही डीजल की बढ़ी कीमतों के कारण हरी सब्जियां और अन्य जरूरी चीजें आसमान छू रही हैं, ऐसे में गैस के दाम बढ़ने से महीने का राशन पानी संभालना बेहद मुश्किल हो गया है।
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मध्यमवर्गीय परिवारों को अब घर चलाने के लिए भारी कशमकश करनी पड़ रही है। गैस की इस मूल्यवृद्धि का सीधा असर अब होटलों, टिफिन केंद्रों और लघु उद्योगों पर भी पड़ेगा, जिससे बाहर का खाना भी महंगा होने के आसार हैं।
ग्राहकों की जेब पर दोहरी मार
व्यापारियों का मानना है कि ईंधन और गैस के दाम इसी तरह बढ़ते रहे, तो खुदरा बाजार में सामान सस्ता होना नामुमकिन है। परिवहन खर्च बढ़ने से अंततः हर वस्तु महंगी होती है, जिसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ता है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को पहले की तरह ही सब्सिडी वाला सिलेंडर मिलता रहेगा, जिससे उन पर इस बढ़ोतरी का सीधा असर नहीं होगा। इसके बावजूद सामान्य वर्ग के लोग महंगाई के इस चक्रव्यूह में बुरी तरह पिस रहे हैं।
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पारंपरिक चूल्हे की तरफ लौटने लगे लोग
- पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने उज्ज्वला जैसी योजनाओं के माध्यम से हर घर तक एलपीजी सिलेंडर पहुंचाकर रसोई को धुआंमुक्त करने का संकल्प लिया था।
- लेकिन घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को एक बार फिर पारंपरिक चूल्हे की तरफ लौटने पर मजबूर कर दिया है।
- गैस रीफिल कराना अब आर्थिक तंगी का सबब बन गया है, जिससे कई परिवार सिलेंडर का उपयोग सीमित कर फिर से लकड़ी और कंडे के धुएं के बीच खाना बनाने लगे हैं। इससे धुआंमुक्त भारत के सफर के पीछे हटने की आशंका गहरा गई है।
