पाइप सप्लाई के बाद 91 लाख की ठगी, दंपति पर केस, वालूज MIDC में औद्योगिक धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा
Pipe Supply Fraud: वालूज एमआईडीसी में पाइप व फिटिंग सामग्री की खरीद के बाद 91.82 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुणे की मिन्सुन इन्फ्रा कंपनी के संचालक दंपति पर केस दर्ज हुआ है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Fraud Case: छत्रपति संभाजीनगर पुणे स्थित मिन्सुन इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रा.लि. के संचालकों ने वालूज औद्योगिक वसाहत स्थित केपी सेल्स कार्पोरेशन कंपनी से पाइप व फिंटिंग की सामग्री खरीदने के बाद 91 लाख, 82, 789 रुपए का चूना लगाने की घटना प्रकाश में आई है।
इस बाबत पुणे स्थित मिन्सुन इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रालि के संचालक दंपति के खिलाफ 24 दिसंबर को वालूज एमआईडीसी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जयराज बाबूराव पाटील (53) की वालूज औद्योगिक वसाहत में केपी सेल्स कॉर्पोरेशन नामक कंपनी है, जो औद्योगिक क्षेत्र में टाटा व जिंदाल कंपनियों के पाइप सप्लाय व बेचती है।
पुणे स्थित मिन्सुन इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रालि के संचालक /संचालक राहुल माहिमकर व उनकी पत्नी प्रीति माहिमकर 29 अप्रैल 2025 को जयराज पाटील की कंपनी में आए व जिंदाल कंपनी के पाइप की जरूरत होने की बात कही।
सम्बंधित ख़बरें
NEET Paper Leak: आधी रात को कोर्ट में पेश हुई मनीषा हवालदार; मुंहजुबानी याद थे प्रश्न, जानें CBI को क्या मिला?
डिजिटल गिरफ्तारी और फर्जी ट्रेडिंग ऐप गिरोह पर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पीड़ितों को लौटाए 26.97 लाख रुपये
जनभागीदारी अभियान का उत्साहपूर्ण आगाज, सरकारी योजनाएं पहुंचीं आदिवासी गांवों के द्वार
छत्रपति संभाजीनगर: नालों पर निर्माण करने वालों की खैर नहीं, लगेगा अतिरिक्त टैक्स; कमिश्नर ने दिए निर्देश
उनकी ऑर्डर के अनुसार उनकी कंपनी को डीएमआईसी बिड़किन, पुडुचेरी, धारवाड़, कोल्हापुर के कागल, पुणे के चाकण व खोपोली इन साइटों पर कुल 2 करोड़, 26 लाख, 82,190 रुपए के पाइप व फिंटिंग की सामग्री सप्लाई की गई।
इसके एवज में जयराज पाटील को 1 कोटी 34 लाख 99, 401 रुपए केपी सेल्स कॉर्पोरेशन के खाते पर ट्रांन्सफर किए गए। शेष राशि 91 लाख, 82,000 रुपए नहीं दिए। इसके चलते जयराज पाटील ने राहुल माहिमकर व उनकी साझीदार प्रीति माहिमकर को कॉल किए, मगर उन्होंने रिसीव नहीं किए। बाद में उन्होंने संबंधितों से पैसे मिलने के बाद देने की बात कही।
मालिक से पैसे मिलने के बावजूद नहीं किया भुगतान
जिस साइट पर माहिमकर दंपति ने माल सप्लाई किया, वहां पर जयराज पाटील के पूछताछ करने पर पता चला कि मिन्सुन इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रालि के संचालक राहुल व प्रीति माहिमकर को इसके पैसे मिले चुके हैं, परंतु उन्होंने जयराज पाटील को नहीं दिए। पाटील की फरियाद पर मिन्सुन इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रालि के संचालक दंपति पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
पर्याप्त राशि न होने से चेक हुए बाउंस
जयराज पाटील ने व्यवहार के बारे में माहिमकर से पूछताछ करने पर बतौर सुरक्षा एक्सिस बैंक के 6 चेक दिए। हालांकि, एक्सीस बैंक में व्यवहार असक्रिय होने पर पाटील के आपत्ति जताने पर माहिमकर ने उन्हें कोटक महिंद्रा बैंक के 6 चेक दिए।
यह भी पढ़ें:-सुशासन सप्ताह में प्रशासनिक अधिकारियों को मार्गदर्शन, तकनीक का उपयोग मानव हित में जरूरी: मुंडे
चेक बैंक में भुनाने के लिए डालने के बाद उसमें पर्याप्त राशि नहीं होने से उसका भुगतान नहीं हो सका। तदुपरांत राहुल माहिमकर ने आईसीआईसीआई बैंक के 6 चेक दिए। ये चेक बैंक में भुनाने के लिए डालने के बाद माहिमकर ने प्रक्रिया रोक चेक वापस मांग लिए। हालांकि, उनके खाते में पर्याप्त धनराशि होने का दावा भी पाटील ने किया है।
