Sanjay Raut apology (सोर्सः सोशल मीडिया)
Malegaon Court: गिरणा सहकारी चीनी मिल में कथित 178 करोड़ रुपये के शेयर घोटाले को लेकर लगाए गए आरोपों को गलत जानकारी पर आधारित बताते हुए संजय राऊत ने न्यायालय में बिना शर्त माफी मांग ली। इसके बाद शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने उनके विरुद्ध दायर मानहानि का दावा वापस ले लिया। इससे यह बहुचर्चित विवाद अंततः समाप्त हो गया।
गिरणा सहकारी चीनी मिल में 178 करोड़ रुपये के कथित शेयर घोटाले का आरोप लगाते हुए ‘सामना’ में प्रकाशित सामग्री के आधार पर मंत्री भुसे ने सांसद राऊत के खिलाफ मालेगांव न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दायर किया था। शनिवार, 21 फरवरी को इस मामले में राऊत न्यायालय में उपस्थित हुए।
सुनवाई के दौरान संजय राऊत ने शपथपत्र प्रस्तुत कर स्पष्ट किया कि संबंधित आरोप गलत सूचना पर आधारित थे और उन्होंने इसके लिए माफी मांगी। इसके साथ ही मंत्री भुसे द्वारा दावा वापस लिए जाने से मामले पर पर्दा पड़ गया। राऊत ने यह भी कहा कि “जिनके कारण यह विषय सामने आया, वे अब हमारे दल में नहीं हैं और सत्तारूढ़ पक्ष में शामिल हो चुके हैं; इसलिए जांच भी वही करें।” उन्होंने भुसे के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को तथ्यहीन मानते हुए सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया।
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शिंदे गुट के अलग होने के बाद की राजनीतिक परिस्थितियों में राऊत ने मंत्री भुसे पर गिरणा सहकारी चीनी कारखाना में शेयर घोटाले का आरोप लगाया था, जिस पर ‘सामना’ में समाचार प्रकाशित हुआ था। इसे अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए भुसे ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
उस समय दादा भुसे ने कहा था कि बीते 10-12 वर्षों में गिरणा कारखाने की डीआरटी न्यायालय के माध्यम से सार्वजनिक नीलामी हुई। इस अवधि में तालुका स्तर पर सभी दलों के पदाधिकारियों ने गांव-गांव जाकर शेयर एकत्र किए, लेकिन अपेक्षित राशि नहीं जुट सकी। एकत्रित लगभग 1 करोड़ 67 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए भुजबल की आर्मस्ट्रॉन्ग कंपनी को अदा किए गए थे। राऊत की माफी और भुसे द्वारा दावा वापसी के साथ यह प्रकरण न्यायिक स्तर पर पूरी तरह समाप्त हो गया।