Sambhajinagar मनपा का अभियान रुका, धनराशि मंजूरी न मिलने से सड़क विकास ठप
Chhatrapati Sambhajinagar में सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने का अभियान धन की कमी से रुक गया। साढ़े पांच हजार संपत्तियों पर कार्रवाई के बाद भी सड़क कार्य अटका, नागरिकों में नाराजगी बढ़ी।
- Written By: अपूर्वा नायक
छत्रपति संभाजीनगर मनपा (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: मनपा द्वारा लगातार तीन महीने से चल रहे सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण व अवैध निर्माण हटाने का अभियान अब थम गया है। इस अभियान में साढ़े पांच हजार से ज्यादा संपत्तियों पर कार्रवाई की गई थी।
हालांकि, अतिक्रमण के बाद सड़क निर्माण के लिए आवश्यक विकास धनराशि की कमी के कारण पूरी प्रक्रिया ठप हो गई है। इससे नागरिकों में आक्रोश बढ़ रहा है। तो दूसरी तरफ मनपा ने अब अपना ध्यान चुनाव की तैयारियों पर केंद्रित कर लिया है।
मनपा द्वारा स्वीकृत विकास प्रारूप के अनुसार जून से शहर में सड़क चौड़ीकरण का अभियान चलाया गया था। सातारा-देवलाई बाईपास, महानुभाव आश्रम से नक्षत्र वाड़ी पैठण रोड, पडेगाव-मिटमिटा रोड, कैर्मन्ब्रज चौक व महावीर चौक के बीच जालना रोड और सिडको चौक से हसूल तक की कुल पांच सड़कों पर साढ़े पांच हजार अवैध निर्माण व अतिक्रमण हटाए गए।
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नागरिकों की सुरक्षा पर उठे सवाल
अधिकारियों ने बताया कि धनराशि पर निर्णय सरकारी स्तर पर मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा, अभियान में आंशिक रूप से ध्वस्त इमारतें व जर्जर संपत्तियां अभी भी कई जगहों पर खंडहर की अवस्था में खड़ी हैं, कई संपत्ति मालिकों ने ध्वस्त हिस्सों की मरम्मत नहीं कराई है।
परिणामस्वरूप, इस क्षेत्र में असुरक्षित व अराजक स्थिति पैदा हो गई है। दिवाली के बाद भी इन संपत्तियों की यही तस्वीर दिखाई दे रही है। जिससे नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। बेघर हुए संपत्ति मालिकों को न तो म्हाडा से घर मिले हैं और न ही मनपा ने मुआवजे को लेकर कोई फैसला लिया है। मनपा चुनावों की घोषणा के बाद, प्रशासन का पूरा ध्यान आगामी मनपा चुनावों की तैयारियों पर केंद्रित हो गया है।
सरकार का धनराशि स्वीकृत करने से इंकार
इस अभियान में सड़कें तो साफ हो गई हैं, लेकिन सड़कों का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। महानगरपालिका ने इन सड़कों के विकास के लिए मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री से 2,000 करोड़ रुपये की राशि की मांग की थी।
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सरकार ने फिलहाल धनराशि स्वीकृत करने से इनकार कर दिया है। इसलिए परियोजनाएं रुकी हुई हैं। इन सड़कों के विकास के लिए ‘पेडिको’ नामक कंसल्टेंसी फर्म एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। यह योजना मनपा, लोक निर्माण विभाग, विश्व बैंक परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग व महाराष्ट्र सड़क विकास महामंडल के संयुक्त प्रयासों से तैयार की जाएगी।
