अहेरी नगर पंचायत (सौजन्य-नवभारत)
Gadchiroli Politics News: गड़चिरोली जिले के अहेरी नपं की राजनीति में व्यापक खलबली मचाने वाली घटना हुई है। अधिकारों का गलत उपयोग तथा नियमबाह्य प्रस्ताव मंजूर करने के मामले में नगराध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष सहित कुल 5 पार्षदों को अपात्र करने का जिलाधिकारी का निर्णय नगर विकास विभाग ने कायम रखा है।
अपात्र घोषितों में राकां अजीत गुट के नगराध्यक्ष रोजा करपेत, उपाध्यक्ष शैलैंद्र पटवर्धन, विलास सिडाम, ज्योति सडमेक, सुरेखा गोडसेलवार, नौरास रियाज मो. शेख, मीना ओंडरे, महेश बाकेवर, सुनीता मंथनवार, विलास गलबले का समावेश है। इस निर्णय के कारण अहेरी की राजनीति को बड़ा झटका लगा है। राज्य चुनाव आयोग ने रिक्त हुए 10 सीटों के लिए तत्काल उपचुनाव घोषित किए है।
अहेरी नगर पंचायत में अजय कंकडालवार के गुट की सत्ता थी। इस कार्यकाल में पार्षदों ने अपने पदों का तथा अधिकारों का गलत उपयोग कर अनेक अवैध निर्माण के प्रस्ताव नियमबाह्य पद्धति से मंजूर करने का आरोप रखा गया था। खासकर अजय कंकडालवार के घर के लिए सरकारी जगह पर ‘उड़ान पुल’ निर्माण करने का लिया गया विवादग्रस्त निर्णय कार्रवाई का मुख्य कारण साबित हुआ है।
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इस भ्रष्टाचार के खिलाफ तथा नियमबाह्य कामकाज के खिलाफ भाजप गुट ने 3 वर्ष पूर्व सरकार की ओर शिकायत दर्ज की थी। जिलाधिकारी ने इससे पूर्व ही 9 पार्षदों को अपात्र घोषित किया था। लेकिन इस निर्णय को स्थगिती मिली थी। अंतत: नगर विकास विभाग ने यह स्थगिती उठाई है। इन पार्षदों के पद रद्द किए है। अपात्र हुए पार्षदों को अब 5 वर्ष तक कोई चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। जिससे अनेक दिग्गजों का राजकीय भविष्य खतरे में आया है।
अहेरी के 10 प्रभागों में उपचुनाव का लेने के आदेश दिए गए है। अहेरी नगर पंचायत में कुल 17 में से 10 सीटें रिक्त हुई है। 9 सीटें यह अपात्र होने के कारण रिक्त हुई है। वहीं 1 सीट पार्षद स्व. सुनीता किशोर मंथनवार के निधन के चलते रिक्त हुई है। राज्य चुनाव आयोग ने इस 10 प्रभागों के लिए उपचुनाव लेने के आदेश दिए है। जिससे अहेरी में फिर से राजनीतिक वातावरण गर्मानेवाला है।