छोटे परीक्षा केंद्रों पर गिरी गाज, गड़बड़ी पकड़े जाने पर परीक्षा केंद्र स्थायी रूप से बंद होंगे

महाराष्ट्र राज्य बोर्ड ने हर साल 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा के समय सामने आने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए इन परीक्षा केंद्रों को स्थायी तौर पर बंद करने का फैसला लिया है।
Maharashtra State Board
महाराष्ट्र राज्य बोर्ड (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: राज्य में हर वर्ष 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के दौरान सामने आने वाली गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य बोर्ड ने इस बार सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।

फरवरी-मार्च 2025 की परीक्षाओं में जिन केंद्रों पर गड़बड़ी प्रमाणित होगी, उन सभी परीक्षा केंद्रों को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। विभागीय मंडलों को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, परीक्षा केंद्र प्रणाली में बड़े बदलाव की भी घोषणा की गई है। अब से परीक्षा केंद्र निर्धारित करने के लिए तय किए गए न्यूनतम विद्यार्थियों की संख्या के मापदंड को सख्ती से लागू किया जाएगा।

शहरी क्षेत्रों में 10वीं के लिए कम से कम 200 विद्यार्थी, 12वीं के लिए कम से कम 250 विद्यार्थी, ग्रामीण क्षेत्रों में 10वीं के लिए 125 विद्यार्थी, 12वीं के लिए 150 विद्यार्थी, अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में 100 से 125 विद्यार्थियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। इन मापदंडों को पूरा न करने वाले केंद्रों को सीधे बंद कर दिया जाएगा। इससे राज्य में कई छोटे परीक्षा केंद्रों के बंद होने की संभावना है।

राज्य बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी क्षेत्र में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा केंद्र बनाए रखना अनिवार्य हो तो संबंधित प्रस्ताव विभागीय मंडल की सक्षम समिति के समक्ष प्रस्तुत करना होगा लेकिन इसे भी कड़ी जांच के बाद ही स्वीकृति दी जाएगी। राज्य बोर्ड का मानना है कि इस निर्णय से भले ही हजारों विद्यार्थियों के परीक्षा केंद्र बदलेंगे लेकिन परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह कदम अत्यंत आवश्यक है।

राज्य बोर्ड यह निर्णय तुरंत वापस ले

महाराष्ट्र राज्य मुख्याध्यापक महासंघ के कार्याध्यक्ष प्रो मनोज पाटिल ने कहा है कि नये परीक्षा केंद्रों के प्रस्तावों को स्वीकार करते हुए बोर्ड की नियमावली के अनुसार जो स्कूल/महाविद्यालय मापदंडों में फिट बैठते हैं, वहा परीक्षा केंद्र दिए जाने चाहिए, कोई ठोस कारण न हो तो पुराने परीक्षा केंद्र बंद नहीं किए जाने चाहिए।

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