Chhatrapati Sambhajinagar (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar: सिल्लोड जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव का प्रचार अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और प्रचार का शोर थम गया है। अब कल मतदान होना है। चुनाव के मद्देनज़र नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंतिम क्षणों तक मतदाताओं को रिझाने के हर संभव प्रयास किए।
इस बार चुनाव इसलिए भी बेहद रोचक हो गया है, क्योंकि विधायक अब्दुल सत्तार सहित विधानसभा क्षेत्र के कई प्रमुख नेताओं के परिजन चुनावी मैदान में उतरे हैं। इससे राजनीतिक दांव-पेंच और भी तीखे हो गए हैं। गांव-गांव की चौपालों पर यह चर्चा गर्म है कि कौन उम्मीदवार कितने मतों से बाजी मारेगा। वहीं, प्रशासनिक यंत्रणा चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न कराने की तैयारियों में जुटी हुई है।
पूर्व मंत्री तथा विधायक अब्दुल सत्तार के पुत्र, पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष केशवराव तायडे की पत्नी, पूर्व मंत्री माणिकदादा पालोदकर के पुत्र देविदास पालोदकर, भाजपा प्रदेश सचिव सुरेश बनकर की पत्नी, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष इद्रिस मुलतानी की पुत्री, सिद्धेश्वर सहकारी चीनी मिल के चेयरमैन ज्ञानेश्वर मोठे की पत्नी, पूर्व सभापति अशोक गरुड़ की पुत्री, बाजार समिति सभापति विश्वास दाभाडे तथा भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुनील मिरकर की पत्नी जैसे कई चर्चित चेहरे मैदान में होने से मुकाबला और अधिक दिलचस्प बन गया है।
स्थानीय चुनाव में जातीय समीकरणों ने भी अहम भूमिका निभाई है। पिछले तीन-चार दिनों से सिल्लोड में भाजपा सहित अन्य दलों ने प्रचार में जबरदस्त तेजी लाई थी। सिल्लोड का चुनाव अब भाजपा बनाम अब्दुल सत्तार की सीधी लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।
सिल्लोड और सोयगांव, दोनों तहसीलों में मुख्य मुकाबला भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच ही है। राज्य स्तर पर सत्ता में साझेदार होने के बावजूद सिल्लोड तालुका में दोनों दलों के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। सिल्लोड तालुका में जिला परिषद के 9 और पंचायत समिति के 18 गण हैं, जबकि सिल्लोड और सोयगांव तहसील में कुल 12 जिला परिषद गट और 24 पंचायत समिति गण हैं।
विधायक अब्दुल सत्तार के छोटे पुत्र अब्दुल आमेर (अंभई), जिला बैंक अध्यक्ष अर्जुन गाढ़े की पत्नी आशा गाढ़े (घाटनांद्रा), शिवसेना तहसील अध्यक्ष केशवराव तायडे की पत्नी मंगल तायडे (अंधारी) तथा बाजार समिति सभापति विश्वास दाभाडे (निल्लोड) चुनावी मैदान में हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में जोरदार प्रचार कर चुके हैं।
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विधायक सत्तार पंचायत समिति जैसे महत्वपूर्ण संस्थान पर कब्जा बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंकते नजर आए, वहीं भाजपा ने भी प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री रावसाहेब दानवे, मंत्री अतुल सावे और विधायक संजय केणेकर ने भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी सभाएं लीं।
पंचायत समिति की 27 सीटों के लिए कुल 62 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। बोरगांव सारवणी, केलगांव, अंभई और हलदा—इन चार गणों में सीधा मुकाबला है, जो पूरी तरह भाजपा और शिवसेना के बीच सिमटा हुआ है। उंडणगांव पंचायत समिति गण से भाजपा उम्मीदवार अनिता बनकर के मुकाबले शिवसेना के पंकज जयसवाल और राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के अजित पाटील मैदान में हैं।