गुटबाजी पर शिंदे सख्त, संभाजीनगर में सियासी सुलह; एक वाहन में दिखे शिरसाट और अब्दुल सत्तार
Sambhajinagar Politics: संभाजीनगर में पालक मंत्री संजय शिरसाट और विधायक अब्दुल सत्तार के बीच मतभेद खत्म होने का दावा किया गया। शिंदे की फटकार के बाद दोनों नेताओं ने एकजुटता का संदेश दिया।
- Written By: रूपम सिंह
शिरसाट और अब्दुल सत्तार (सोर्स- सोशल मीडिया)
Sambhajinagar Shiv Sena Mahayuti: छत्रपति संभाजीनगर पालक मंत्री संजय शिरसाट व शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार के बीच राजनीतिक अदावत कथित रूप से खत्म होने की खबर है। मुंबई में हाल ही में हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जिले की गुटबाजी व नेताओं के बीच मतभेद पर फटकार लगाकर पार्टी का संगठन मजबूत करने की सलाह देने के बाद दोनों नेताओं ने कहा कि शिंदे हमारे नेता हैं व उनका हर निर्देश हमारे लिए आदेश के समान हैं।
पार्टी के 6 विधायक व 1 सांसद के बीच समन्वय बनाए रखने व किसी प्रकार के आपसी विवाद नहीं करने के निर्देश शिंदे ने दिए हैं। इसके चलते हमारे सभी मतभेद समाप्त हो गए हैं व भविष्य में हम एकजुट होकर कार्य करेंगे।
छत्रपति संभाजीनगर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव के लिए महायुति की ओर से शिवसेना प्रत्याशी विधायक विलास भुमरे ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान सांसद संदीपान भुमरे, विधायक प्रदीप जायसवाल, रमेश बोरनारे व महायुति में शामिल भाजपा, शिवसेना व अन्य घटक दलों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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विशेष बात यह रही कि पालक मंत्री शिरसाट व विधायक अ।सत्तार एक ही वाहन से जिला बैंक पहुंचे। पत्रकारों से बातचीत में अ। सत्तार ने कहा कि कई महीनों बाद उन्हें पालक मंत्री के वाहन में बैठने का मौका मिला है। शिरसाट ने कहा कि जिले के विकास व पार्टी को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना जरूरी है।
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पदाधिकारियों में बनी थी भ्रम की स्थिति
पालक मंत्री व विधायक अ. सत्तार के बीच लंबे समय से चल रहे मतभेद व शीतयुद्ध राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए थे। कई मुद्दों पर दोनों नेताओं के बीच असहमति देखने मिली थी व जमकर आरोप-प्रत्यारोप भी हुए थे। अब देखना दिलचस्प रहेगा कि यह मतभेद ऊपरी स्तर पर दूर हुए हैं या स्थाई रूप से। उनके बीच राजनीतिक अदावत से शिवसेना के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति थी व पार्टी का नुकसान भी हो रहा था।
