संभाजीनगर में मच्छर जनित रोगों के खिलाफ बड़ा अभियान, मानसून से पहले स्वास्थ्य विभाग का डोर-टू-डोर सर्वे
Sambhajinagar Anti Mosquito Campaign: संभाजीनगर मनपा ने मानसून से पहले डेंगू-मलेरिया रोकथाम के लिए विशेष एबेट अभियान चलाया। 10 जोनों में घर-घर सर्वे कर मच्छरों के लार्वा नष्ट किए गए।
- Written By: रूपम सिंह
छत्रपति संभाजीनगर, एबेट अभियान, डेंगू रोकथाम,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Monsoon Preparation: छत्रपति संभाजीनगर मानसून के आगमन से पहले डेंगू, मलेरिया तथा अन्य मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के उद्देश्य से छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के स्वास्थ्य एवं मलेरिया विभाग द्वारा पूरे शहर में व्यापक स्तर पर विशेष एबेट अभियान चलाया गया। 1 जून 2026 से शुरू हुए इस अभियान को शहर के सभी 10 जोनों में सफलतापूर्वक लागू किया गया। अभियान के दौरान हजारों घरों का सर्वेक्षण कर मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए गए, जिससे महानगरपालिका को उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है।
मच्छर जनित रोगों पर रोकथाम के लिए शहरभर में अभियान
शहर के महापौर समीर राजुरकर, उपमहापौर राजेंद्र जंजाल, विपक्ष के नेता समीर साजिद, स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये, आयुक्त अमोल येडगे तथा वैद्यकीय सहायता एवं स्वास्थ्य समिति की सभापति डॉ. सुनीता सोलुके के निर्देशानुसार इस विशेष अभियान की योजना तैयार की गई। प्रभारी वैद्यकीय स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उज्ज्वला भामरे के मार्गदर्शन तथा जीवशास्त्र वित्त एवं महामारी अधिकारी डॉ. सय्यद सुमैया नाज के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शहरभर में व्यापक कार्रवाई की।
अभियान के दौरान स्वास्थ्य एवं मलेरिया विभाग के मलेरिया पर्यवेक्षक, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, मलेरिया छिड़काव कर्मचारी, एमपीडब्ल्यू तथा आशा सेविकाओं ने घर-घर जाकर निरीक्षण किया। टीमों ने जल संग्रहित करने वाले कंटेनरों का सर्वेक्षण किया, उनमें एबेट दवा डाली तथा मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने की कार्रवाई की। इसके अलावा नागरिकों को डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छर जनित रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
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डेंगू व मलेरिया रोगों की रोकथाम जरूरी
स्वास्थ्य विभाग द्वारा घरों में सूचना पत्रकों का वितरण किया गया तथा जन जागरूकता संबंधी स्टिकर लगाए गए। नागरिकों को सप्ताह में एक दिन ‘ड्राई डे’ मनाने की सलाह दी गई। इसके तहत पानी की टंकियों, कूलरों, फूलदानों, ड्रमों तथा अन्य जल संग्रहण पात्रों को खाली कर उनकी सफाई करने और जमा पानी को तत्काल हटाने का संदेश दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए नागरिकों की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है, अभियान के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने कुल 58 हजार 737 घरों का सर्वेक्षण किया।
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इस दौरान 44 हजार 31 कंटेनरों में एबेट दवा डाली गई। वहीं 6 हजार 994 घरों में सूचना पत्रकों का वितरण किया गया तथा 4 हजार 293 घरों पर जनजागरूकता स्टिकर लगाए गए। इन आंकड़ों से अभियान की व्यापकता और प्रभावशीलता का अंदाजा लगाया जा सकता है। महानगरपालिका प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान डेंगू और मलेरिया के मामलों में वृद्धि की संभावना रहती है।
