संभाजीनगर बिजली आपूर्ति ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Electricity Revenue Collection: छत्रपति संभाजीनगर बिजली उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्वाध विद्युत आपूर्ति देने के साथ-साथ बिजली बिलों की नियमित वसूली भी अत्यंत आवश्यक है। इन दोनों कार्यों में निरंतरता बनाए रखते हुए उपभोक्ताओं को संतुष्ट रखने के लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी प्रयासरत रहें।
ऐसा आह्वान महावितरण के छत्रपति संभाजीनगर परिमंडल के मुख्य अभियंता पवन कुमार कछोट ने किया। वित्तीय वर्ष के दौरान बिजली बिल वसूली में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शहर-2 विभाग के अभियंताओं और कर्मचारियों का सम्मान समारोह गुरुवार को आयोजित किया गया।
इस अवसर पर कछोट बोल रहे थे। कार्यक्रम में शहर मंडल के अधीक्षक अभियंता मनीष ठाकरे, कार्यकारी अभियंता महेंद्र देशमुख, अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता नयना कोटणीस, उपविभागीय अभियंता शेख अब्दुल्ला साजिद (चिकलथाना), सुरेश दौड (सिडको), संतोष अधिकार (गारखेडा) तथा अनिस कुरेशी (क्रांति चौक) की प्रमुख उपस्थित थे।
मुख्य अभियंता कछोट ने कहा कि महावितरण की पूरी व्यवस्था बिजली बिलों की वसूली पर ही आधारित है। उपभोक्ताओं को निरंतर और बेहतर सेवा प्रदान करने तथा बिजली खरीद के लिए पर्याप्त राजस्व आवश्यक होता है।
इसी प्रकार वैजापुर ग्रामीण-1 शाखा के सहायक अभियंता अभिजितसिंह गौर और उनकी टीम ने भऊर गांव में जांच अभियान चलाया। यहां 30 लोग अवैध रूप से बिजली चोरी करते पाए गए।
इन लोगों द्वारा करीब 2 लाख 5 हजार रुपये की बिजली चोरी की गई थी, जुर्माना और बिल की राशि जमा न करने पर सहायक अभियंता की शिकायत पर गंगापुर पुलिस स्टेशन में 8 अप्रैल को मामला दर्ज किया गया। पुलिस आगे की जांच कर रही है।
जिले के वैजापुर और छत्रपति संभाजीनगर तहसील के तीन गावों में महावितरण द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में 65 लोग बिजली चोरी करते पकड़े गए, निर्धारित बिल और जुर्माना भरने से बचने के कारण इन सभी के खिलाफ पुलिस थानों में मामला दर्ज किया गया है।
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इस कार्रवाई से क्षेत्र में बिजली चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया है। महावितरण की सावंगी शाखा के कनिष्ठ अभियंता नरेंद्रकुमार शिंदे तथा उनकी टीम ने सावंगी और नायगांव गांवों में जांच अभियान चलाया, जांब के दौरान कई लोग निम्न दाब विद्युत लाइन पर अवैध रूप से तार डालकर बिजली चोरी करते पाए गए, जांच में कुल 35 लोगों द्वारा लगभग 3 लाख 28 हजार 684 रुपये की बिजली चोरी सामने आई, संबंधित उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी का बिल और जुर्माना लगाया गया, लेकिन राशि जमा न करने पर कनिष्ठ अभियंता नरेंद्रकुमार शिंदे की शिकायत पर चिकलठाणा पुलिस स्टेशन में 7 अप्रैल को मामला दर्ज किया गया।