तीसरी मुंबई में कहां से आएगा पानी ? उरण के 25,000 परिवारों के सामने जल संकट, फंड की कमी से जलजीवन स्कीम लटकी
Water Crisis News: एक तरफ तीसरी मुंबई बसाने की तैयारी और कोंढाणे-बालगंगा जैसे बड़े बांधों का मास्टरप्लान, दूसरी तरफ उरण के 25,000 परिवारों के सामने पानी का गंभीर संकट। फंड की कमी से जल जीवन मिशन ठप।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: गोरक्ष पोफली
कोंढाण व बालगंगा बांध (सोर्स: फाइल फोटो)
Uran Water Crisis: 21 सदी के शहर नवी मुंबई के बाद अब रायगढ़ जिले के उरण सहित नैना क्षेत्र में तीसरी मुंबई बसाने की तैयारी सरकार कर रही है। समुद्री खाड़ी से घिरे इस क्षेत्र में पानी की समस्या तेजी से बढ़ी है। सरकार सिडको एवं एमएमआरडीए की मदद से (नवी मुंबई एयरपोर्ट नोटिफाई एरिया) नैना क्षेत्र में तीसरी मुंबई को बसाया जाएगा। यहां आने वाली लाखों की आबादी के लिए सड़क,बिजली के साथ पानी के संसाधनों की आवश्यकता होगी।
सिडको के माध्यम से उसकी तैयारी भी हो रही है,परंतु इस समय यहां आसपास का ग्रामीण इलाके भीषण गर्मी में पानी की समस्या से जूझ रहा है। नवी मुंबई के पास तो अपना स्वयं का मोरवे बांध है जहां से पूरे शहर एवं पनवेल मनपा क्षेत्र को भी जलापूर्ति होती है। नवी मुंबई एवं पनवेल को तो पानी की कमी नहीं है,परंतु उससे सटे उरण को जरूर पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
बंद पड़ी जल जीवन योजना
यहां उरण तालुके के कई गांवों में पेयजल की समस्या सुलझाने के लिए केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना शुरू की गई। परन्तु फंड की कमी की वजह से योजना पूरी नहीं हो पा रही है। बताया गया कि उरण के 8 गांवों में जल जीवन स्कीम फंड की कमी की वजह से रुक गई है, इससे यहां के 25,000 परिवार के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया है।
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पुनाडे डैम की स्थिति खराब
उरण के इलाके में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने वाले पुनाडे डैम की स्थिति खराब है। बांध में पानी के चैनल लीक हो रहे हैं। उरण ईस्ट डिवीजन के पिरकोन, सरदे, वाशेनी, पुनाडे, पाले, गोवठणे, अवारे, कडपे गांवों के लोगों को पुनाडे डैम से पानी सप्लाई होती है। रायगढ़ जिला परिषद के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इस डैम के पुराने पानी के चैनल के लगातार फटने की घटनाएं हुई हैं। इससे सप्लाई भी आधी अधूरी होती है।
2022 में जल जीवन योजना को मिली थी मंजूरी
उरण के ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की समस्या को हल करने के लिए, ग्राम पंचायत ने महाराष्ट्र लाइफ अथॉरिटी कॉर्पोरेशन से लगातार फॉलोअप करने के बाद 2022 में 11 करोड़ रुपये की जनजीवन योजना को मंजूरी दी थी। इसमें वाटर प्यूरिफिकेशन सेंटर, जैकवेल और 8 इंच डायमीटर की नई पानी की पाइप बिछाने जैसे काम शामिल थे। इस जलापूर्ति योजना का काम पूरा करने की डेडलाइन 2024 थी। यह काम तो शुरू हुआ, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है। बताया गया कि फंड की कमी के कारण जलजीवन योजना पिछले चार साल से रुकी हुई है।
सरपंच और पुनाडे रीजनल वॉटर सप्लाई और ड्रेनेज स्कीम कमेटी की सदस्य अनामिका म्हात्रे के अनुसार उरण तालुका के आठ गांवों के 25,000 लोग फंड की कमी, सरकार के कई अधूरे कामों, पुरानी लीक होती पानी की पाइपों और पुनाडे डैम का जल संचय लगभग खत्म होने के कारण पानी की गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के डिप्टी इंजीनियर प्रशांत पंढरपट्टे के अनुसार जनजीवन मिशन के तहत फंड की कमी के कारण पुनाडे वॉटर सप्लाई स्कीम का काम रोक दिया गया है। इस स्कीम के खर्च के लिए एक करोड़ की अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई है। अब तक पुनाडे वॉटर सप्लाई स्कीम के तहत 78 प्रतिशत नए और मरम्मत के काम पूरे हो चुके हैं।
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तीसरी मुंबई के लिए डैम की तैयारी
तीसरी मुंबई के लिए सिडको ने बड़े जल स्रोत की तैयारी की है। कोंढाणे बांध तीसरी मुंबई और नैना क्षेत्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण जल स्रोत बनने जा रहा है। उल्हास नदी पर बनने वाले इस बांध से शुरुआत में 250 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन) और आगे चलकर 350 MLD पानी की आपूर्ति की जाएगी। इसके साथ बालगंगा बांध जो रायगढ़ के पेण क्षेत्र में स्थित है। यह बांध भी नैना और नई मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आस-पास के क्षेत्रों की पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है। इसी तरह हेटावणे बांध भी नैना क्षेत्र की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उपलब्ध होगा।
सरकार ने हेटावणे बांध से पानी का कोटा बढ़ाकर 270 MLD कर दिया है। इस जल आपूर्ति योजना के बुनियादी ढांचे (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और टनल) का काम तेजी से चल रहा है। न्हावा-शेवा चरण-III के तहत सिडको द्वारा महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (MJP) के माध्यम से अतिरिक्त पानी प्राप्त करने के लिए इस ग्रिड से भी पानी का आवंटन किया जा रहा है।
