Chhatrapati Sambhajinagar में अवैध कॉल सेंटर पर छापा, 116 युवक-युवतियां हिरासत में

Chhatrapati Sambhajinagar Police ने चिकलथाना MIDC में अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर पर छापा मारकर 116 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया। विदेशों में ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश किया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar News in Hindi: पुलिस ने मंगलवार, 28 अक्टूबर की सुबह बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। चिकलथाना एमआईडीसी में केएस एंटरप्राइजेस कंपनी के नाम पर धड़ल्ले से जारी अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर पर दबिश देकर 116 युवक-युवतियों को हिरासत में ले लिया गया।

यहां पर विदेश के नागरिकों से वीटीसी पद्धति से पैसों की उगाही की जा रही थी। हिरासत में लिए गए युवक-युवतियों की न्यायालय में पेश किया गया। विशेष बात यह है कि इसमें 100 से अधिक युवक-युवतियां अन्य प्रांत की हैं। पुलिस ने देर रात तक विस्तृत जानकारी देने से इनकार करने से बड़ी घटना को लेकर राज बना हुआ है।

समझा जाता है कि अमेरिका संग विदेश के नागरिकों को सहूलियतें व अलग-अलग लालच देकर धोखाधड़ी की गई। पुलिस उपायुक्त प्रशांत स्वामी ने बताया कि चिकलथाना एमआईडीसी में टी 7 में केएस एन्टरप्राइजेस कंपनी के नाम पर यह गोरखधंधा जारी था। यह सूचना मिलने पर सुबह से पुलिस टीम ने कार्रवाई शुरू की। इसमें 8 बड़े वाहनों के अलावा अधिकारियों के वाहन, दामिनी पथक, शीघ्र कृति दल तैनात किया गया था।

इमारत मालिक को इसकी जानकारी नहीं

डीसीपी स्वामी ने कहा कि तीन मंजिला इमारत के दो मंजिलों पर रात के समय अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर जारी था। मूलतः मराठी, मगर दिल्ली में गत तीस वर्षों से रह रहे मुले नामक व्यक्ति की यह मूल इमारत है। समझा जाता है कि इमारत मालिक मुले कंपनी के गोरखधंधे से पूरी तरह अनजान था। हालांकि, पुलिस को 56 पन्नों का एक करारनामा मिला है, जिसमें एक आईटी अर्थात सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी के अंतर्गत सॉफ्टवेयर व कॉल सेंटर के काम किए जाने का जिक्र था। उक्त कार्रवाई के बाद शहर में अटकलों का बाजार गर्मा गया है। सोशल मीडिया पर भी इसकी जोरदार व गरमगरम चर्चा देखने मिली।

पुलिस आयुक्त की मौके पर रही मौजूदगी

सूचना मिलने पर प्रभारी पुलिस आयुक्त संदीप हिरेमठ, पुलिस उपायुक्त रत्नाकर नवले, पंकज अतुलकर, अपराध शाखा के गजानन कल्याणकर, एमआईडीसी सिडको की पुलिस निरीक्षक गीता अरगड़े संग अन्य अधिकारियों ने भेंट देकर तफ्तीश की। पुलिस के सामने यह समस्या बनी हुई थी कि युवक-युवतियों को यदि अदालत पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश देर्ती है, तो उन्हें कहां रखा जाए। बहरहाल, इस अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर में बड़ी मछलियां लिप्त होने की संभावना बनी हुई है। अब देखना दिलचस्प रहेगा कि पुलिस इन मछलियों तक पहुंच पाती है कि नहीं। उन तक पहुंचना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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