प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Civic Corruption: छत्रपति संभाजीनगर लातूर मनपा के आर्थिक घोटाले के मामले में दाखिल जनहित याचिका के प्रकरण में राज्य के मुख्य व प्रधान सचिव, केंद्र सरकार व लातूर मनपा को 7 मार्च तक जवाब पेश करने का आदेश बॉम्बे उच्य न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ के न्यायाधीश विभा कंकणवाड़ी व न्यायाधीश।
हितेन वेणेगांवकर ने दिया है। इस बीच, याचिका पर अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी, लातूर के पूर्व नगरसेवक प्रकाश पाठक ने याचिका दाखिल करते हुए कहा कि लेखा संहिता के अनुसार मनपा का बजट पहले के 3 वर्ष के औसतन उत्पन्न सखर्च के अनुपात पर होना चाहिए व इस पर 35 वर्षों से पालन नहीं हो रहा है।
न्यायालय के आदेशों का भी पालन नहीं हुआ। हर वर्ष लेखा परीक्षकों से लिए गए 1,000 से अधिक आपत्तियों की अनदेखी की गई। पाठक ने कहा कि ठेकेदारों के बिलों का भुगतान करने के साथ ही कर्मियों के वेतन के बारे में बजटीय प्रावधानों के बजाए व आम सभा की मंजूरी लेने के बजाए खर्च कर मनपा ने सार्वजनिक राशि का घोटाला किया। आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद मनपा पर अनाप-शनाप खर्च करने का आरोप भी पाठक ने लगाया है।
याचिका में पाठक ने कहा कि मनपा के आर्थिक घोटाले के अलावा अनियमित नियुक्तियां, सार्वजनिक निधि व अधिकारों के दुरुपयोग के बारे में मनपा आयुक्त व उनके जरिए वरिष्ठ अधिकारियों से समय-समय पर शिकायतें करने के बावजूद अनदेखी की गई।
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याचिका के गंभीर मामलों का संज्ञान लेकर स्वतंत्र, निष्पक्ष व कालबद्ध जांच करने के लिए विशेषाधिकार समिति नियुक्त करने का आदेश देने की विनती भी याचिका में की गई है।