संभाजीनगर में 3 दिवसीय साहित्य महोत्सव का शुभारंभ, 20 से 22 फरवरी तक पर्व का ऐलान

Sambhajinagar Sahitya Festival: संभाजीनगर में 20 से 22 फरवरी तक तीन दिवसीय साहित्य महोत्सव होगा। ग्रंथ यात्रा, सांस्कृतिक दल व युवा सहभागिता इस आयोजन की खास पहचान होगी।
A three-day literary festival begins in Sambhajinagar, scheduled to run from February 20 to 22.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Sambhajinagar Cultural Program: छत्रपति संभाजीनगर अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा पुरस्कृत साहित्यभारती और एस. भु. शिक्षण संस्था के संयुक्त तत्वावधान में 20, 21 और 22 फरवरी को तीन दिवसीय साहित्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव में साहित्य, संस्कृति और समसामयिक विषयों पर केंद्रित विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे।

समारोह के स्वागताध्यक्ष तथा राज्य के ओबीसी विकास मंत्री अतुल सावे ने शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष महोत्सव की थीम जागर प्रतिभा का, युवा मन का रखी गई है।

राज्य भर से बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति अपेक्षित है। 20 फरवरी को शाम चार बजे क्रांति चौक स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा से ग्रंथ यात्रा निकाली जाएगी।

यह यात्रा पैठण गेट मार्ग से होते हुए एस. भु. परिसर तक पहुंचेगी। यात्रा में भारतीय संस्कृति का प्रदर्शन करने वाले विभिन्न सांस्कृतिक दल शामिल होंगे।

शाम सात से नौ बजे तक श्रीकांत उमरीकर द्वारा लिखित गोदेचा हा वसा, शब्दांचा हा वारसा शीर्षक पर आधारित कविता, अभंग, ओवी और स्तोत्रों का सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा 22 फरवरी को सुबह साढ़े नौ बजे पुस्तक प्रदर्शनी, भाषा वैभव प्रदर्शनी, गढ़ और किले प्रदर्शनी तथा सेल्फी प्वाइंट का उ‌द्घाटन किया जाएगा।

सुबह दस बजे प्रख्यात लेखक और निर्देशक अभिराम भडकमकर के हाथों साहित्य महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन होगा। उद्घाटन सत्र के बाद राष्ट्र निर्माण में सशक्त साहित्य का योगदान विषय पर परिसंवाद आयोजित होगा। इसमें प्रा। बलिराम गायकवाड, प्रा. प्रदीप ढवल और आशीष मालसे विचार व्यक्त करेंगे।

अभिनव कार्यक्रम किया जाएगा प्रस्तुत

सामाजिक माध्यमों पर अभिव्यक्ति, वाचन संस्कृति का प्रभाव और आज के युवा साहित्य की दिशा जैसे समकालीन विषयों पर भी विचार मंथन होगा। आमंत्रित और पुरस्कृत कवियों का काव्य सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।

विशेष आकर्षण के रूप में रिल्स और कविता, विरोध या अवसर विषय पर एक अभिनव न्यायालय कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें भाषा और सोशल मीडिया की भूमिका पर संवाद होगा। रात में महाराष्ट्र की लोकधारा शीर्षक से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

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