नागपुर मनपा आरक्षण पर 11 आपत्तियां दर्ज, OBC मोर्चा ने पूरी प्रक्रिया दोहराने की मांग की

Nagpur News: नागपुर मनपा प्रभाग आरक्षण में SC-ST और ओबीसी सीटों के असंतुलन पर राष्ट्रीय ओबीसी मुक्ति मोर्चा ने आपत्ति जताई है। प्रभाग 38 सहित कई वार्डों में आरक्षण नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
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मनपा चुनाव अधिकारी को ज्ञापन सौंपते ओबीसी मोर्चा के पदाधिकारी (फोटो नवभारत)
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OBC Mukti Morch Objection Ward Reservation: राष्ट्रीय ओबीसी मुक्ति मोर्चा ने नागपुर महानगरपालिका की प्रभाग पद्धति के आरक्षण में विसंगतियों और पिछड़े वर्गों की आरक्षित सीटों की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक हो जाने पर गंभीर आपत्ति जताई है। मुख्य संयोजक नितिन चौधरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मनपा चुनाव अधिकारी निर्भय जैन को एक ज्ञापन सौंपकर चुनाव कार्यक्रम और प्रभाग प्रक्रिया को नए सिरे से करने की मांग की।

OBC मोर्चा का मानना है कि आरक्षित सीटों का समायोजन करने के लिए जिस पद्धति को चुना गया है, उसमें जनसंख्या के संबंध में विसंगति दिखाई देती है। ज्ञापन में बताया गया कि 4 और 3 सदस्यों वाली प्रभाग पद्धति में पिछड़े वर्ग की आरक्षित सीटों, विशेषकर अनुसूचित जाति की आरक्षित सीटों के लिए जनसंख्या के मानदंडों का उल्लंघन और असंगत प्रकार देखा गया। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के 50 प्रतिशत आरक्षण के निर्देश का भी उल्लंघन हुआ है।

आरक्षण में प्रमुख विसंगतियां

  • अनुसूचित जाति (SC) की जनसंख्या 20 प्रतिशत है, जबकि उनके लिए आरक्षित सीटें 30 हैं।
  • अनुसूचित जनजाति (ST) की जनसंख्या 8 प्रतिशत है, जबकि उनके लिए आरक्षित सीटें 12 हैं।
  • लगभग 5 प्रभागों में अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत से 52 प्रतिशत तक होने के बावजूद केवल एक ही सीट आरक्षित की गई है।
  • लगभग 8 प्रभागों में पिछड़े वर्ग के घटकों की कुल आबादी 75 से 95 प्रतिशत तक है, फिर भी उन प्रभागों में 2 सीटें सामान्य वर्ग (खुली) रखी गई हैं।

प्रभाग 38 में आरक्षण नियमों का उल्लंघन

प्रभाग 38 के संबंध में विशेष रूप से गंभीर उल्लंघन बताया गया। यह प्रभाग 3 सदस्यों का है और यहां 50 प्रतिशत महिला आरक्षण तथा 50 प्रतिशत पिछड़े वर्ग की आरक्षित सीटों के आधार का उल्लंघन हुआ है।

इस प्रभाग की सभी तीनों सीटें आरक्षित कर दी गई हैं, जिनमें से 2 महिलाओं के लिए और एक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। शिष्टमंडल में मुख्य संयोजक नितिन चौधरी के साथ अधिवक्ता अशोक यावले, भूषण दडवे, कृष्णकांत मोहोड, शमीउल्ला छवारे, असलम शेख, अरुण पाटमासे और प्रदीप बरगट शामिल थे।

आरक्षण लॉटरी पर 11 आपत्तियां दर्ज

महानगर पालिका ने प्रभागों में आरक्षण के लिए निकाली गई 'आरक्षण लॉटरी' पर आपत्तियां और सुझाव मांगे थे। इसके अनुसार अब तक 11 लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है, जिनमें विभिन्न राजनीतिक दलों के इच्छुक उम्मीदवारों का समावेश है। मनपा मुख्यालय में 8 लोगों ने, हनुमाननगर जोन में 1 ने और आसीनगर जोन में 2 लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है।

मतदाता सूची पर भी आपत्तियों की ‘बाढ़’

एक ओर जहां प्रभागों के आरक्षण पर आपत्तियां और सुझाव मंगाए गए वहीं दूसरी ओर मतदाता सूची पर भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई गई है। प्रारूप मतदाता सूची पर 20 नवंबर से आपत्तियां मंगाई गई थीं। पहले दिन तो एक भी आपत्ति दर्ज नहीं हुई थी किंतु दूसरे दिन 4 आपत्तियां दर्ज कराई गईं।  तीसरे दिन तो आपत्तियों की बाढ़ आ गई। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 24 नवंबर को अचानक एक साथ 30 आपत्तियां दर्ज हुईं। आश्चर्यजनक यह कि विशेष रूप से आसीनगर जोन में सर्वाधिक 10 आपत्तियां दर्ज की गईं जबकि गांधीबाग और सतरंजीपुरा जोन में अब तक एक भी आपत्ति दर्ज नहीं हुई है।

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