मराठवाड़ा में बारिश ने दी किसानों को बड़ी राहत, बांधो में भी पर्याप्त जलभंडारण
Chhatrapati Sambhajinagar : छत्रपति संभाजीनगर सहित मराठवाड़ा में जोरदार बारिश हुई है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है साथ ही जलभंडारण भी अच्छा हुआ है।
- Written By: आंचल लोखंडे
बारिश ने दी किसानों को राहत (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Marathwada Rain: एक महीने के सूखे के बाद, मराठवाड़ा में भारी बारिश ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। पिछले 3 दिनों से छत्रपति संभाजीनगर संभाग में हर जगह लगातार बारिश हो रही है। मराठवाड़ा में 24 घंटों में औसतन 25.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिससे कृषि फसलों को जीवनदान मिला है। छत्रपति संभाजीनगर जिले के 3 राजस्व मंडलों में भारी बारिश दर्ज की गई है।
जून की शुरुआत में अच्छी बारिश होने के बाद, मध्य जून से बारिश बंद हो गई थी। इससे हज़ारों हेक्टेयर में लगी फसलें खतरे में पड़ गई थीं। नतीजतन, किसानों और नागरिकों में चिंता का माहौल था। हालांकि, 24 जुलाई से बारिश ज़ोरदार वापसी कर रही है। पिछले तीन दिनों से सभी जिलों में कमोबेश बूंदाबांदी और तेज़ बारिश हो रही है। छत्रपति संभाजीनगर जिले में तो हर जगह लगातार बारिश हो रही है। तीन दिनों से सूरज के दर्शन नहीं हुए हैं।
किसानों के लिए राहत
बारिश की कमी के कारण फसलों की वृद्धि रुक गई थी, जिससे किसानों में चिंता का माहौल था। हालांकि, इस बारिश से किसानों को थोड़ी राहत मिली है। बारिश की कमी के कारण मराठवाड़ा के कुछ जिलों में जल भंडारण कम हो गया था। इससे पेयजल की चिंता बढ़ गई थी। अब उम्मीद है कि इस बारिश से जल भंडारण बढ़ेगा।
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3 दिनों से नहीं निकली धूप
बीड ज़िले में पिछले 7 दिनों से लगातार बारिश हो रही है। 3 दिनों से धूप नहीं निकली है। शनिवार सुबह 8 बजे शुरू हुई बारिश पूरे दिन जारी रही। ज़िले में हर जगह बारिश हुई। अब तक 178.9 मिलीमीटर (वार्षिक औसत का 31.6 प्रतिशत) बारिश दर्ज की गई है। पिछले साल अब तक 381.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। माजलगांव बांध की भंडारण क्षमता 312 दलघमी है और उपयोग योग्य भंडारण 45 दलघमी (14.42 प्रतिशत) है।
बांधो में जलभंडारण
बिंदुसार बांध की भंडारण क्षमता 7.106 दलघमी है और उपयोग योग्य भंडारण 7.106 दलघमी (100 प्रतिशत) है। कड़ा परियोजना की भंडारण क्षमता 8.555 दलघमी है और उपयोग योग्य भंडारण 8.555 दलघमी (100 प्रतिशत) है। कुण्डलिका परियोजना की भंडारण क्षमता 37.372 दलघमी है तथा उपयोग योग्य भंडारण 30.440 दलघमी (80.76 प्रतिशत) है।
जालना में भी भारी बारिश
जालना शहर और ज़िले में पिछले दो दिनों से बारिश हो रही है। शनिवार (26) की सुबह से ही शहर में भारी बारिश हो रही है। इसके चलते शहर के ज़्यादातर हिस्सों में बारिश का पानी जमा हो गया है। इसके अलावा, झालर इलाके की सड़कें कीचड़ से भर गई हैं। इससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसके अलावा, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र भी इस बारिश के कारण फंसे रहे। इस बीच, शनिवार सुबह 8 बजे तक पिछले चौबीस घंटों में ज़िले में 32.40 मिमी बारिश हुई। इसमें से सबसे ज़्यादा 64.3 मिमी बारिश जाफ़राबाद तालुका के कुंभारझारी मंडल में दर्ज की गई।
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बारिश लगातार जारी
लातूर ज़िले में तीन दिनों से बारिश का मौसम बना हुआ है। इस वजह से धूप नहीं निकली है। हालांकि भारी बारिश नहीं हुई है, फिर भी बारिश का सिलसिला जारी है। शुक्रवार पूरी रात बारिश हुई। शनिवार दोपहर 2 बजे तक बारिश का सिलसिला जारी रहा। उसके बाद बारिश रुक गई। बारिश से किसान खुश हैं।
आरसोली परियोजना लबालब
धाराशिव ज़िले में लगातार छठे दिन (शनिवार) बारिश हुई। कुछ जगहों पर फसलों में पानी जमा हो गया। भूम तालुका में आरसोली मध्यम परियोजना लबालब भर गई। इस बीच, बेदारवाड़ी गांव के पास पुल से पानी बहने के कारण यातायात बाधित रहा।
सिद्धेश्वर बांध में 40 प्रतिशत जलभराव
हिंगोली जिले में लगातार तीसरे दिन (गुरुवार, 26) लगातार बारिश हुई। इससे फसलों को काफी राहत मिली, जबकि नागरिक दहशत में हैं। ईसापुर बांध में 67.25 मिलीमीटर जलभराव हुआ, जबकि सिद्धेश्वर बांध में 40.70 प्रतिशत। जिले और बांध के जलग्रहण क्षेत्र में जारी बारिश के कारण बांध का जलस्तर बढ़ रहा है। पिछले सप्ताह सिद्धेश्वर बांध में 24 प्रतिशत जलभराव था।
