वक्फ संस्थाओं को बड़ी राहत, उम्मीद पोर्टल पंजीकरण की समय-सीमा 6 माह बढ़ी; न्यायाधिकरण से मिली राहत
Maharashtra Waqf Board: वक्फ के तहत पंजीकृत मस्जिद, दरगाह व कब्रिस्तानों को बड़ी राहत मिली है। वक्फ न्यायाधिकरण ने ‘उम्मीद पोर्टल’ पर पंजीकरण की समय-सीमा निर्णय की तारीख से छह माह तक बढ़ा दी है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया )
Waqf Registration Deadline Hindi News: छत्रपति संभाजीनगर महाराष्ट्र में वक्फ के अंतर्गत पंजीकृत मस्जिद, दरगाह, कब्रिस्तान और अन्य संस्थाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। वक्फ न्यायाधिकरण ने ‘उम्मीद पोर्टल’ पर पंजीकरण की समय-सीमा को बढ़ाकर अब निर्णय की तारीख से अगले छह महीनों तक कर दिया है। पहले इसकी अंतिम तिथि पांच दिसंबर 2025 तय थी।
इस फैसले को महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष समीर काजी और उनकी टीम की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अब तक राज्य की कई वक्फ संस्थाएं विभिन्न कारणों से पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कर सकी थीं।
रिकॉर्ड उपलब्ध न होना, आवश्यक दस्तावेजों की कमी और तकनीकी दिक्कतों के चलते बड़ी संख्या में संस्थाओं का पंजीकरण अधूरा रह गया था। इसी कारण वक्फ बोर्ड ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के आधार पर वक्फ न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाया था।
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हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने पंजीकरण की तारीख बढ़ाने से इनकार किया था, लेकिन वक्फ न्यायाधिकरण में जाने की अनुमति दी थी। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड ने न्यायाधिकरण में याचिका दायर की।
अब न्यायाधिकरण ने छह महीने की अतिरिक्त अवधि देकर संस्थाओं को राहत प्रदान की है। समीर काजी ने बताया कि राज्य की प्रत्येक वक्फ संस्था का पंजीकरण सुनिश्चित करना ही बोर्ड का लक्ष्य है और इसी दिशा में यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण है। भारत में वक्फ संस्थाओं के पंजीकरण के मामले में महाराष्ट्र राज्य दूसरे स्थान पर है।
न्यायाधिकरण ने दी राहत
पांच दिसंबर 2025 तक अधिकांश संस्थाओं ने पंजीकरण कर लिया था, लेकिन कई संस्थाएं दस्तावेजों और तकनीकी कारणों से पीछे रह गई थीं। उम्मीद पोर्टल पर आई तकनीकी समस्याएं भी इसकी एक बड़ी वजह रहीं।
इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए न्यायाधिकरण ने समय-सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है। न्यायाधिकरण ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इस छह महीने की अवधि में पोर्टल पर तकनीकी खराबी आती है या पोर्टल बंद रहता है, तो उस अवधि को भी बढ़ाया जाएगा।
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इससे संस्थाओं को और अधिक सुविधा मिलेगी। अध्यक्ष समीर काजी ने सभी मुतवल्ली और ट्रस्टी से अपील की है कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और समय रहते पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड ने पांच दिसंबर 2025 तक लगातार प्रयास किए, लेकिन कई संस्था संचालकों ने पहल नहीं की। अब न्यायाधिकरण ने राहत दी है।
