Chhatrapati Sambhajinagar: सिंचाई को बढ़ावा, जायकवाडी बांध से समान जल वितरण का फैसला; किसानों को राहत
Jaikwadi Dam Irrigation: जायकवाडी बांध से बाई व दाई नहरों के किसानों को समान रूप से 4-4 आवर्तन देने का निर्णय लिया। साथ ही गाद निकालकर जल भंडारण व केटी वेयर को बैराज में बदलने की योजना भी बनाई गई है।
- Written By: अंकिता पटेल
Sambhajinagar Canal Water Allocation ( Source: Social Media )
Sambhajinagar Canal Water Allocation: छत्रपति संभाजीनगर जायकवाडी बांध से सिंचाई के लिए बाई और दाई दोनों नहरों से किसानों को समान रूप से चार-चार आवर्तन देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही भविष्य में सिंचाई सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए केटी वेयर बांधों को बैराज में परिवर्तित करने और बांध में जमा गाद निकालकर जल भंडारण क्षमता बढ़ाने की योजना भी बनाई गई है।
यह जानकारी राज्य के जलसंधारण मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने दी। पैठण स्थित संतपीठ परिसर में कालवा सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सांसद डॉ. कल्याण काले, सांसद रामराव वडकुते, विधायक विजय सिंह पंडित, राजेश टोपे, अमरसिंह पंडित, रमेश बोरनारे और हिकमत उढाण उपस्थित थे।
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बैठक में मंत्री मेघना बोडर्डीकर, विधायक नारायण कुचे, प्रकाश दादा सोलंके और विलास भुमरे ने वीडियो माध्यम से भाग लिया। बैठक में जिलाधिकारी विनय गौडा, गोदावरी सिंचाई मंडल के कार्यकारी संचालक संतोष तिरमनवार, मुख्य अभियंता अरुण नाईक सहित बीड, परभणी, जालना और संभाजीनगर जिलों के जलसंसाधन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
सिंचाई के लिए समान पानी देने का निर्णय
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि जिस प्रकार बाई नहर से किसानों को चार आवर्तन दिए जाते हैं, उसी प्रकार दाई नहर से भी समान रूप से पानी उपलब्ध कराया जाए।
इस मांग को मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मंजूरी दी। इसके अलावा नांदूर मधमेश्वर नहर और निम्न दुधना परियोजना से भी गर्मी के मौसम में चार आवर्तन देने का निर्णय लिया गया, मंत्री ने बताया कि भविष्य में सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने के लिए केटी वेयर बांधों को बैराज में परिवर्तित किया जाएगा।
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साथ ही जायकवाडी बांध में जमा गाद निकालकर जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य स्तर पर नीतिगत निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने जल संसाधन विभाग को संभावित कम वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पानी के उचित प्रबंधन के निर्देश भी दिए।
