नागपुरवासियों को राहत! प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज, स्थायी समिति का बड़ा फैसला
Nagpur Property Tax: नागपुर मनपा की स्थायी समिति ने 2026-27 के लिए 10% प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज कर प्रशासन को वापस भेज दिया। इससे फिलहाल नागरिकों को राहत मिली है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर मनपा, प्रॉपर्टी टैक्स,प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : एआई फोटो )
Nagpur Property Tax Hike: नागपुर मनपा प्रशासन ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) की दरों में भारी वृद्धि का प्रस्ताव भले ही स्थायी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया हो, लेकिन शुक्रवार को हुई समिति की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे सिरे से ठुकराए जाने की जानकारी समिति सभापति शिवानी दानी ने दी।
उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते समय इसे स्पष्ट कर दिया गया था कि सम्पत्ति कर में वृद्धि नहीं होगी। इसके विपरीत मनपा की आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा, चूंकि प्रशासन द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को स्थायी समिति की बैठक में रखना अनिवार्य होता है, इसलिए उसे एजेंडे पर लेकर प्रशासन को वापस भेज दिया गया।
प्रस्ताव के अनुसार प्रत्येक संपत्ति धारक के कुल संपत्ति कर में 10% की वृद्धि होने जा रही थी। इस नई बढ़ोतरी से मनपा के खजाने में लगभग 1542.05 लाख रुपये (15.42 करोड़ रुपये) की अतिरिक्त आय होने का अनुमान लगाया जा रहा था।
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सामान्य कर के स्लैब में थी सबसे बड़ी बढ़ोतरी
प्रस्ताव के अनुसार संपत्तियों के वार्षिक किराया मूल्य के आधार पर लगने वाले ‘सामान्य कर’ में व्यापक बदलाव किए गए थे।
- 1 से 2,000 रुपये तकः कर 14% से बढ़ाकर 15.6% कर दिया था।
- 2,001 से 5,000 रुपये तकः कर 18% से बढ़ाकर 20% किया था।
- 5,001 से 20,000 रुपये तकः कर 22% से बढ़ाकर 24.5% कर दिया गया था।
- 20,001 से 50,000 रुपये तकः यह दर 26% से छलांग लगाकर 30% कर दी गई थी।
- 50,001 रुपये और उससे अधिकः सबसे उच्च स्लैब में अब 30% के बजाय 34.4% की दर से सामान्य कर वसूला जाना था।
मलप्रवाह-अग्निशमन कर भी होने थे दोगुने
सामान्य कर में वृद्धि के अलावा नागरिकों को दो अन्य मोचर्चों पर भी कर वृद्धि का बोझ डाला जा रहा था। मनपा ने ‘मलप्रवाह लाभ कर’ और ‘अग्निशमन कर’ दोनों में 1% की वृद्धि का प्रस्ताव दिया था। ये दोनों कर, जो वर्तमान में 1% की दर से वसूले जाते हैं, अब नए वित्तीय वर्ष से बढ़कर 2% होने थे।
इन करों में कोई बदलाव नहीं
विशेष सफाई कर शहर के होटल्स, रेस्टोरेंट, मंगल कार्यालय, लॉन और अस्पतालों पर लगने वाले ‘वार्षिक विशेष सफाई कर’ की दरें यथावत रखी गई थीं (50,000 रुपये तक के मूल्य पर 7% और उससे अधिक पर 10%)
अन्य मनपा करः साफ-सफाई कर (12%), पानी पट्टी कर, पानी आपूर्ति लाभकर (1%), रस्ते (पथ) कर (1%), नागपुर मनपा शिक्षण कर (1%) और वृक्ष कर (1%) में कोई बदलाव नहीं किया गया था।
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राज्य शासन के करः राज्य सरकार द्वारा लगाए जाने वाले करों जैसे शिक्षण कर (निवासी और अनिवासी), रोजगार हमी कर (केवल अनिवासी) और बड़ी निवासी इमारतों पर लगने वाले कर (10%) की दरों में शासन की ओर से कोई परिवर्तन नहीं किया गया था।
