PMO सचिव बनकर घूम रहा था ठग, कार्यक्रम में पकड़ा गया! जानिए कैसे हुआ खुलासा
Chhatrapati Sambhajinagar में कार्यक्रम के दौरान खुद को पीएमओ सचिव और नीति आयोग सदस्य बताने वाले अशोक थोम्ब्रे को फर्जी पहचान के आरोप में पुलिस ने गिरफ्त में लिया। उसके निजी अंगरक्षक को भी पकड़ा गया।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: AI Generated)
Fake PMO Secretary Arrested: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का सचिव और नीति आयोग का सदस्य बताने वाले 45 वर्षीय अशोक थोम्ब्रे को पुलिस ने हिरासत में लेकर उसके खिलाफ केस दर्ज किया है।
मामला रविवार को एमआईडीसी वालुज थाना क्षेत्र में सामने आया, जब कार्यक्रम में उसका नाम ‘पीएमओ सचिव’ के रूप में पुकारे जाने पर पुलिस अधिकारियों को शक हुआ।
पुलिस के अनुसार, समारोह स्थल पर सुरक्षा के मद्देनजर फोर्स तैनात थी। नाम पुकारते ही पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पंकज अतुलकर ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि केंद्र सरकार के किसी सचिव का उस दिन कोई आधिकारिक दौरा निर्धारित नहीं था।
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प्रमाणपत्र मांगने पर बढ़ी परेशानी
पुलिस ने थोम्ब्रे से पहचान पत्र और आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन वह कोई भी प्रमाण पत्र नहीं दिखा सका। तलाशी के दौरान उसके सामान से एक प्लेट बरामद हुई जिस पर ‘भारत सरकार’ लिखा था। साथ ही एक तिरंगा भी मिला, जो आम तौर पर सरकारी वाहनों पर लगाया जाता है।
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निजी अंगरक्षक भी पकड़ा गया
अशोक थोम्ब्रे के साथ उसका निजी अंगरक्षक विकास पंडागले भी मौजूद था। पुलिस ने उसे भी हिरासत में ले लिया। जांच में पता चला कि थोम्ब्रे बीड जिले का निवासी है और सरकारी अधिकारी होने का झूठा दावा कर कार्यक्रमों में शिरकत करता था।
बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319 और धारा 204 सहित अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने इससे पहले कितने कार्यक्रमों या संस्थाओं को अपने फर्जी परिचय से गुमराह किया है।
