Vijaya Rahatkar speech (सोर्सः सोशल मीडिया)
India AI Impact Summit 2026: ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ में विजया रहाटकर ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को इस तकनीक की केवल उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि शोधकर्ता और निर्माता बनना चाहिए। सत्र की शुरुआत एआई-आधारित एक लघु फिल्म से हुई, जिसमें महिला सशक्तिकरण के विभिन्न आयामों को दर्शाया गया।
एआई साक्षरता की जरूरत
भारत मंडपम में आयोजित इस विशेष सत्र में रहाटकर ने ‘एआई साक्षरता’ की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को डेटा संरक्षण, डिजिटल नैतिकता और साइबर सुरक्षा की गहन समझ होनी चाहिए। राष्ट्रीय महिला आयोग, अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ और संयुक्त राष्ट्र प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सत्र में महिला नेतृत्व के माध्यम से समृद्धि की रूपरेखा पर चर्चा हुई।
इस मौके पर सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय के प्रधान सचिव बृजेश सिंह ने महिलाओं के सामने आने वाले डिजिटल खतरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डीपफेक तकनीक के 91 प्रतिशत पीड़ित महिलाएं हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों से ‘प्लेटफॉर्म जवाबदेही’ की मांग की और एआई-निर्मित छवियों पर वॉटरमार्क अनिवार्य करने का सुझाव दिया।
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इस अवसर पर मिहोको कुमामोटो ने क्षमता निर्माण और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब ग्लोबल साउथ में एआई की कहानी लिखी जाएगी, तो महिलाओं का उल्लेख मुख्य अध्याय की लेखिका के रूप में होना चाहिए।
अत्सुको ओकुडा ने द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों में महिलाओं के लिए डिजिटल समावेशन बढ़ाने की आवश्यकता रेखांकित की। वहीं, कार्तिक शाह ने सृजनात्मक अर्थव्यवस्था में महिलाओं के लिए बढ़ते अवसरों की जानकारी दी।