
प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: AI Generated)
Mumbai Ghatkopar School Food Poisoning Case: मुंबई के घाटकोपर इलाके में सोमवार दोपहर एक निजी स्कूल के कैंटीन में समोसा खाने के बाद पांच बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। खाद्य विषाक्तता (फूड प्वॉइज़निंग) की आशंका के बाद सभी बच्चों को तत्काल राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया।
नगर निगम के एक अधिकारी ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह मामला दोपहर करीब दो बजे सामने आया और सभी पीड़ित बच्चे 10 से 11 वर्ष की उम्र के छात्र-छात्राएं हैं।
अधिकारी के अनुसार, इंदिरा नगर स्थित निजी स्कूल में बच्चों ने कैंटीन से समोसा खरीदा और उसे खाने के कुछ समय बाद ही उन्हें चक्कर आना, पेट में दर्द और उल्टी जैसी शिकायतें शुरू हो गईं। स्कूल प्रबंधन ने तुरंत बच्चों के अभिभावकों को सूचना दी और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में इसे खाद्य विषाक्तता का मामला माना है।
राजावाड़ी अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि जांच के बाद तीन बच्चे स्वतः ही चिकित्सकीय सलाह के खिलाफ अस्पताल से चले गए, जबकि दो बालिकाएं अभी भी भर्ती हैं। दोनों की हालत स्थिर बताई गई है और उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के मुताबिक, समय पर पहुंचाए जाने के कारण बच्चों की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है।
घटना के बाद स्कूल के कैंटीन की साफ-सफाई और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का आरोप है कि कैंटीन में खाने की गुणवत्ता पर लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन स्कूल प्रशासन ने इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। इस बीच, नगर निगम ने कैंटीन का निरीक्षण शुरू कर दिया है और संदिग्ध खाद्य सामग्री के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे।
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घाटकोपर पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के बयान, स्कूल प्रशासन से पूछताछ और कैंटीन संचालक की भूमिका की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूलों की कैंटीनों में नियमित निरीक्षण और खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।






