
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Zilla Parishad Election Mahayuti: छत्रपति संभाजीनगर जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव के अंतर्गत नामांकन पत्र वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले के 63 जिला परिषद क्षेत्रों में कुल 311 व 126 पंचायत समिति गणों में 570 प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे हैं। नगरपालिका व मनपा चुनाव के बाद जिप व पंस चुनाव में महायुति में बिखराव हो गया है।
उसके घटक दलों के चुनाव में स्वतंत्र रूप से ताल ठोकने से जिले में रोचक मुकाबले देखने मिलेंगे। छत्रपति संभाजीनगर तहसील में जिप के 10 क्षेत्रों के लिए 120 में से 72 के नाम वापस लेने से अब 48 प्रत्याशी मैदान में हैं। पंस के 20 गणों में 90 प्रत्याशी भिड़ेगे। सिल्लोड़ तहसील में 9 क्षेत्रों में 39 व 18 गणों में 62 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं।
वैजापुर तहसील में जिप के 8 क्षेत्रों के लिए 36, पेस के 16 गणों के लिए 63 प्रत्याशी मैदान में हैं। कन्नड़ तहसील में जिप के 8 क्षेत्रों के लिए 52, पंस के 16 गणों में 103 प्रत्याशी मैदान में हैं, जो जिले में सर्वाधिक हैं।
खुलताबाद तहसील में जिप के 3 क्षेत्रों में 11, पंस के 6 गणों में 25 में हैं। सोयगांव तहसील में भी जिप के 3 क्षेत्रों के लिए 11, पंस के 6 गणों में 26, प्रत्याशी मैदान गंगापुर तहसील में जिप के 9 क्षेत्रों के लिए 36, पंस के 38 गणों के लिए 67 प्रत्याशी डटे हुए हैं। फुलंब्री तहसील में जिप के 4 क्षेत्रों के लिए 14, पंस के 8 गणों में 30 उम्मीदवार जनता के दरबार में हैं।
नपा चुनाव की तरह ही जिप व पंस में महायुति के भाजपा व शिंदे सेना दली ने अंतिम समय घर बी फॉर्म देने की रणनीति अपनाकर गठबंधन को झटका दिया है। दोनों दलों के बीच सीधी टक्कर होगी, नाम वापसी के अंतिम दिन दोनों पक्षों के नेताओं में आपसी सहमति नहीं बनने से 47 स्थानों पर शिंदे सेना, 43 स्थानों पर भाजपा आमने-सामने होगी, शेष स्थानों पर भी दोनों दलों के प्रत्याशियों की मौजूदगी से अब किसी भी तरह की मैत्रीपूर्ण लड़ाई की संभावना नहीं है।
पैठण तहसील में जिप के 9 क्षेत्रों में 63, पंस के 18 गणों में 104 प्रत्याशी मैदान में हैं। यहां पर ‘बी-फॉर्म’ से जुड़ी तकनीकी त्रुटियों के चलते भाजपा प्रत्याशी बतौर निर्दलीय डटे हैं। कई स्थापित नेताओं के रिश्तेदारों को मैदान में उतारकर राजनीतिक पकड़ मजबूत बनाने की कोशिश करने से कई क्षेत्रों में यह चुनाव पार्टी से अधिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है।
अंभई क्षेत्र से विधायक अब्दुल सत्तार ने अपने छोटे पुत्र अब्दुल आमेर को मैदान में उतारा है, हत्तनूर से पूर्व मंत्री बबनराव लोणीकर की पुत्री मीनाक्षी पवार उम्मीदवार हैं। राष्ट्रवादी (अजीत पवार गुट) के पूर्व विधायक नितिन पाटील के पुत्र अर्जुन करंजखेड़ क्षेत्र से, पूर्व विधायक संजय वाघचौरे की पत्नी ज्योति ढोरकीन क्षेत्र से मैदान में हैं।
महायुति को पहले हुई बैठकों के बाद सिल्लोड़ को छोड़कर गठबंधन का निर्णय लिया गया था, जिप की 52 सीटों पर भाजपा-शिंदे सेना की युति हुई थी, जिसमें भाजपा ने 27 व शिंदे सेना ने 25 सीटें ली थी।
यह भी पढ़ें:-संस्कृत-पाली आज भी जीवंत हैं: डॉ. प्रफुल्ल गडपाल, भारतीय भाषाओं में अनुवाद करियर का नया अवसर
सिल्लोड़ में दोनों दल आमने-सामने थे। बाद में पैठण में भी गठबंधन टूटने से भाजपा ने पैठण संग 17 क्षेत्रों व 34 गणों में समर्थित प्रत्याशी उतारे हैं। नाम वापसी के दिन दोनों दलों को बागी प्रत्याशियों को रोकने में कुछ हद तक सफलता मिली।






