PM से बड़ी नहीं हैं मेयर, मुंबई में VIP कल्चर पर ब्रेक, विवाद के बाद रितु तावड़े की गाड़ी से हटी लाल-नीली बत्ती

BMC Mayor Ritu Tawde Red Beacon Controversy: मुंबई मेयर रितु तावड़े की गाड़ी से लाल-नीली बत्ती हटाई गई। VIP कल्चर और नियमों के उल्लंघन पर विवाद के बाद बीएमसी प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला।
BMC Mayor Ritu Tawde Red Beacon Controversy
BMC Mayor Ritu Tawde Red Beacon Controversy (फोटो क्रेडिट-X)
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Mumbai VIP Culture News: मुंबई में वीआईपी कल्चर को लेकर छिड़े विवाद के बीच बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) प्रशासन को पीछे हटना पड़ा है। मुंबई की नवनियुक्त मेयर रितु तावड़े की सरकारी कार और उनके सुरक्षा काफिले (एस्कॉर्ट) की गाड़ियों से लाल-नीली बत्तियां हटा दी गई हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और विपक्षी दलों द्वारा मेयर पर सत्ता के दुरुपयोग और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए जा रहे थे। यह कार्रवाई उस समय हुई जब आरटीआई कार्यकर्ताओं ने सीधे मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के नियमों का हवाला देते हुए इस पर आपत्ति जताई।

विवाद की शुरुआत 11 मार्च को हुई जब मेयर की गाड़ियों की तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हुईं। नागरिकों ने सवाल उठाया कि क्या एक संवैधानिक पद पर होने के बावजूद मेयर को उन बत्तियों के इस्तेमाल का अधिकार है, जिन्हें केंद्र सरकार ने सालों पहले प्रतिबंधित कर दिया था।

आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत और केंद्र का नियम

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने 13 मार्च को मेयर को औपचारिक पत्र लिखकर बत्तियों के अनधिकृत उपयोग पर स्पष्टीकरण मांगा था। उन्होंने याद दिलाया कि केंद्र सरकार ने 1 मई 2017 से ही सभी सरकारी वाहनों (पीएम और सीएम सहित) से लाल बत्ती हटाने का ऐतिहासिक फैसला लिया था। नियमों के अनुसार, नीली या लाल बत्ती का उपयोग केवल एम्बुलेंस, दमकल विभाग और पुलिस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए ही किया जा सकता है। मेयर की गाड़ी पर ऐसी लाइटें लगाना सीधे तौर पर वीआईपी कल्चर को बढ़ावा देना माना गया।

'प्रशासनिक चूक' और रितु तावड़े की सफाई

चौतरफा घिरने के बाद मेयर रितु तावड़े ने इस पूरे मामले को प्रशासनिक चूक करार दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "मुझे अपनी गाड़ी पर लाइट लगाने में कोई व्यक्तिगत दिलचस्पी नहीं है। जनता की सेवा करने के लिए मुझे किसी बत्ती की जरूरत नहीं है।" उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी वाहन सौंपते समय बीएमसी के अधिकारियों को नियमों की जांच करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जैसे ही उन्हें इस अवैधता का पता चला, उन्होंने तुरंत बत्तियां हटाने का निर्देश दिया।

राजनीति तेज: विपक्ष बनाम मुख्यमंत्री

इस मुद्दे पर मुंबई की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मेयर किशोरी पेडणेकर ने हमला बोलते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद वीआईपी कल्चर खत्म किया है, तो मुंबई की मेयर खुद को उनसे ऊपर क्यों समझ रही हैं? वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मेयर का बचाव करते हुए कहा कि बत्ती छत के बजाय बोनट पर लगी थी और इसके लिए मेयर को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराना गलत है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि मेयर को बेवजह राजनीतिक उद्देश्यों के लिए निशाना बनाया जा रहा है।

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