Sambhajinagar: शहर में 1.5 लाख अनधिकृत कनेक्शन, मनपा ने कर वसूली अभियान तेज किया

Sambhajinagar MNC ने पेयजल कर वसूली बढ़ाने के लिए अब लाइनमैन को कर वसूलने की जिम्मेदारी देने की तैयारी की है। शहर में नल कनेक्शन अनधिकृत होने से हर साल 50 करोड़ का नुकसान हो रहा है।
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छत्रपति संभाजीनगर मनपा (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: मनपा प्रशासन पेयजल कर वसूली बढ़ाने का नया तरीका निकालने की तैयारी में है। मनपा प्रशासन के लाख कोशिशे के बावजूद पेयजल कर की बकाया वसूली का ग्राफ नहीं बढ़ पा रहा है।

ऐसे में मनपा प्रशासक जी श्रीकांत ने संबंधित अधिकारियों को लाइनमैन के माध्यम से पेयजल कर वसूलने के निर्देश दिए हैं, इसलिए, समय पर पानी छोड़ने के काम के साथ-साथ, आने वाले समय में पेयजल कर वसूलने का नया बोझ लाइनमैन पर पड़ेगा।

घर-घर नल कनेक्शन देने का काम लाइनमैन के माध्यम से किया जाता है। इसलिए, लाइनमैन को इस बात की जानकारी होती है कि अधिकृत नल कनेक्शन कहाँ हैं और अनधिकृत नल कनेक्शन कहां हैं। अनधिकृत नल कनेक्शन वालों से पेयजल कर वसूलने का सवाल ही नहीं उठता, उनसे पानी की चोरी की जाती है और इससे मनपा को कोई आय भी नहीं होती।

अधिकृत नल कनेक्शन लेने वाले बहुत कम नागरिक पेयजल कर अदा करते हैं। पूरे साल में मनपा प्रशासन के पास जितने नल कनेक्शन अधिकृत है, उसमें से सिर्फ 20 से 25 प्रतिशत नल धारक पेयजल कर अदा करते है।

ऐसे में मनपा प्रशासक जी श्रीकांत ने लाइनमैन के माध्यम से पेयजल कर वसूलने के निर्देश इसलिए दिए हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अधिकृत नल कनेक्शन लेने वाले नागरिकों से कर वसूली की दर बढ़ने के साथ ही जिन लोगों ने अनधिकृत नल कनेक्शन लिए हैं, उनसे कर चोरी रोकने और पेयजल कर वसूली के दायरे में लाने के लिए अधिकृत करना शामिल है। वर्तमान में, मनपा द्वारा अधिकृत 1।5 लाख नल कनेक्शन हैं। प्रशासन के सूत्रों का मानना है कि जितने नल कनेक्शन अधिकृत हैं, उतने ही अनधिकृत भी हैं।

अभय योजना को नहीं मिला प्रतिसाद

प्रशासन द्वारा किए गए सर्वे के बाद अनधिकृत नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए कई बार अभय योजना लागू की गई इसका शहर वासियों ने कुछ विशेष लाभ नहीं उठाया। सूत्रों के अनुसार मनपा में कार्यरत लाइनमैन को अधिकृत व अनधिकृत नल कनेक्शन कहां है। इसकी सब जानकारी है। ऐसे में मनपा प्रशासक जी। श्रीकांत ने लाइनमैन के माध्यम से पेयजल कर की वसूली करने का निर्णय लिया है, मनपा प्रशासन ने गत वर्ष के अंत में तथा चालू वर्ष के आरंभ में शहर के कई इलाकों में अवैध नल कनेक्शन तोड़ने की कार्रवाई की थी । लेकिन, यह कार्रवाई बहुत अधिक प्रभावशाली रूप से नहीं चली। जिससे आज भी शहर में बड़ी संख्या में अवैध नल कनेक्शन है।

हर साल मनपा को हो रहा 50 करोड़ रुपए का नुकसान

मनपा सूत्रों ने बताया कि शहर के हर इलाके में अनधिकृत नल कनेक्शन है, चाहे फिर नामवीन सोसाइटी हो या फिर स्लम एरिया, सूत्रों के अनुसार शहर में तीन लाख से अधिक नल कनेक्शन है, इसमें 50 प्रतिशत यानी डेढ लाख से अधिक नल कनेक्शन अनधिकृत है। इन नल कनेक्शन को अगर अधिकृत किया गया तो मनपा की तिजोरी में हर साल 50 से 60 करोड़ रुपए का इजाफा होगा, एक तरफ सालों से मनपा प्रशासन करो की बकाया राशि वसूलने में नाकाम है। बीते दो सालों से वर्तमान मनपा आयुक्त जी। श्रीकांत बकाया करों की राशि वसूलने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास कर रहे है।

अनधिकृत नल कनेक्शन

बकायेदार संपत्ति कर अदा कर देते, लेकिन आए दिन पेयजल कर की बकाया राशि का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। गौरतलब है कि मनपा प्रशासन द्वारा इस वर्ष के आरंभ में कई इलाकों में अनधिकृत नल कनेक्शन ढूंढकर उन्हें अधिकृत करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए गए।

इसके बावजूद शहर के हर इलाकों में अनधिकृत नल कनेक्शन है। सूत्रों के अनुसार मनपा प्रशासन ने कुछ सालों पूर्व वैध तथा अवैध नल कनेक्शन की संख्या जानने के लिए एक सर्वा किया था। उसमें सवा लाख से अधिक नल कनेक्शन वैध तथा उससे अधिक अनधिकृत पाए गए थे। इससे यह साफ हुआ था कि आधे शहर की मनपा प्रशासन द्वारा मुफ्त पेयजल वितरित किया जाता।

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