

Municipal Corporation Elections UBT News: छत्रपति संभाजीनगर उध्दव ठाकरे की शिवसेना में शहर के पूर्व मेयर रशीद मामू के पार्टी प्रवेश को लेकर तीखा विवाद सामने आया है। पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता चंद्रकांत खैरे ने इस प्रवेश का खुलकर विरोध किया है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि रशीद मामू को किसी भी हाल में यूबीटी की ओर से चुनाव का टिकट नहीं दिया जाएगा। मनपा चुनाव नजदीक आने के बीच रशीद मामू के उद्धव सेना में शामिल होने की चर्चा से पार्टी के भीतर असंतोष फैल गया है।
चंद्रकांत खैरे ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी की विचारधारा और संघर्ष को नजरअंदाज कर ऐसे लोगों को प्रवेश देना गलत है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी फैसले को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
खैरे के इस बयान के बाद यूबीटी में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। एक ओर पार्टी नेतृत्व विस्तार की रणनीति पर काम कर रहा है तो दूसरी ओर वरिष्ठ नेता खुले मंच से विरोध जता रहे हैं। इससे मनपा चुनाव से पहले यूबीटी की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस विवाद का असर आगामी महानगरपालिका चुनाव की रणनीति और उम्मीदवार चयन पर पड़ सकता है। संभाजीनगर की राजनीति में यह मुद्दा फिलहाल चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
सोमवार को शहर के औरंगपुरा में स्थित शिवसेना भवन में महानगर पालिका चुनाव के लिए यूबीटी के इच्छुक उम्मीदवारों के साक्षात्कार आयोजित किए गए थे। जब रशीद मामू शिवेसना भवन से निवे उतर रहे थे, तब उपर यूबीटी के वरिष्ठ नेता तथा जिले क पूर्व सांसद चन्द्रकांत खैरे भवन जा रहे थे, तभी खैरे और रशीद मामू की मुलाकात हुई खैरे ने साफ कहा कि आपको यूबीटी से उम्मीदवारी नहीं दी जाएगी। इसको लेकर एक वीडियो भी सामने आया है। जो दिन भर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा। वीडिओ में मामू व खैरे के बीच खुलकर विवाद होता देखा गया।
उधर, हाल ही में शहर के पूर्व मेयर रशीद मामू ने मुंबई पहुंचकर यूबीटी के प्रमुख उध्दव ठाकरे के प्रमुख उपस्थिति में शिवबंधन बांधा था। रशीद मामू को यूबीटी में प्रवेश दिलाने में पार्टी के वरिष्ठ नेता अंबादास दानवे ने पहल की थी, वे ही उन्हें मुंबई ले गए थे। वहां उध्दव ठाकरे ने उनके हाथ में शिवबंधन बांधकर उन्हें यूबीटी में प्रवेश दिया था।
उधर, यूबीटी के वरिष्ठ नेता चन्द्रकांत खैरे का दावा है कि रशीद मामू ने इससे पूर्व शिवेसना पर पथराव भी किया था। उन्होंने शहर में हुए साम्प्रदायिक दंगों में शिवसैनिकों को पीटा भी था। इसलिए ऐसे व्यक्ति को यूबीटी में प्रवेश देना तथा उम्मीदवारी देना मुझे मान्य है।
बता दे कि रशीद मामू के यूबीटी प्रवेश के बाद भाजपा व शिंदे सेना ने चुटकी लेते हुए उबाठा मामू कहकर निशाना साधा था। खैरे का दावा है कि मनपा चुनाव के समय सरगर्मियां तेज हुई है।