महावितरण: सूर्यघर योजना में प्रतिबंध के आरोप निराधार, वास्तविक खपत के आधार पर ही मिलेगी सौर अनुमति
PM Surya Ghar Yojana: महावितरण ने स्पष्ट किया कि सूर्यघर योजना में सौर प्रकल्प की स्वीकृति उपभोक्ता की वास्तविक बिजली खपत के आधार पर दी जा रही है और सब्सिडी दुरुपयोग पर निगरानी रखी जा रही है।
- Written By: अंकिता पटेल
Residential Solar Policy ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Residential Solar Policy: छत्रपति संभाजीनगर प्रधानमंत्री सूर्यबर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों की छत पर सौर ऊर्जा प्रकल्प स्थापित करने की क्षमता को लेकर महावितरण पर लगाए गए प्रतिबंधों के आरोपों को कंपनी ने निराधार बताया है।
महावितरण ने स्पष्ट किया है कि अधिक क्षमता की वास्तविक आवश्यकता होने पर जांच के बाद अनुमति दी जा रही है। महावितरण के अनुसार यह योजना सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए है।
कुछ मामलों में आवश्यकता से अधिक क्षमता का सौर प्रकल्प लगाकर केंद्र सरकार की सब्सिडी लेने और बाद में कनेक्शन को व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित कर अनुदान का दुरुपयोग करने के प्रयास सामने आए हैं।
सम्बंधित ख़बरें
महिला के गुस्से का सामना करते दिखे मंत्री गिरीश महाजन, वायरल वीडियो के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
महाराष्ट्र में भीषण गर्मी से निपटने की तैयारी, मुख्यमंत्री फडणवीस ने किया ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ का शुभारंभ
आंगन से लेकर अंतरिक्ष तक भारतीय महिलाओं की उड़ान, नवभारत इंस्पायरिंग वुमन समिट में बोलीं विजया रहाटकर
अक्षय तृतीया पर महाराष्ट्र सरकार की बड़ी सफलता, प्रशासन ने रोके 13 बाल विवाह
इसके अलावा, कम बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं पर आपूर्तिकर्ताओं द्वारा अधिक क्षमता के प्रकल्प लगाने का दबाव डालने की शिकायतें भी मिली हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए महावितरण ने उपभोक्ता की वास्तविक बिजली खपत के आधार पर स्वचालित प्रणाली से स्वीकृत भार की अनुमति देने की व्यवस्था की है।
कंपनी ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश
यदि उपभोक्ता अपनी नियमित खपत से कहीं अधिक क्षमता का सौर प्रकल्प लगाने का आवेदन करता है, तो उसे स्वतः स्वीकृति नहीं दी जाएगी। ऐसे मामलों में जांच के बाद ही मंजूरी दी जाएगी।
यह भी पढ़ें:-छत्रपति संभाजीनगर: छोटी समस्याओं में छिपे अवसर पहचानें, नौकरी नहीं, रोजगार देने वाले बनें
महावितरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि परिवार के विस्तार या अन्य उचित कारणों से यदि अधिक क्षमता की आवश्यकता सिद्ध होती है, तो स्थल निरीक्षण के बाद अनुमति प्रदान की जाएगी। कंपनी प्रबंधन ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
