प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Smart Electricity: छत्रपति संभाजीनगर इस तकनीकी युग में जिस तरह घड़ी, मोबाइल व टीवी स्मार्ट हो गए हैं, उसी तर्ज पर अब राज्य की बिजली व्यवस्था भी आधुनिक हो रही है। महावितरण ने सभी उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट टीओडी मीटर लागू किए हैं, इससे उपभोक्ताओं को न केवल सटीक बिल, बल्कि बिजली दरों में छूट पाने का भी अवसर मिलेगा।
छत्रपति संभाजीनगर परिमंडल में अब तक पौने चार लाख उपभोक्ताओं के यहां यह मीटर लगाए जा चुके हैं व उन्हें इसका सीधा लाभ मिल रहा है। इस योजना को लेकर कुछ स्थानों पर गलतफहमियां व अफवाहें फैलाई जा रही हैं, इन पर विश्वास न करते हुए स्मार्ट मीटर स्थापना में सहयोग करने की अपील मुख्य अभियंता पवनकुमार कछोट ने की है। महावितरण ने समय-समय पर मीटरों में बदलाव किए हैं।
यांत्रिक, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक व इलेक्ट्रॉनिक मीटरों के बाद अब स्मार्ट डिजिटल तकनीक अपनाई जा रही है। पुराने, खराब या बंद पड़े मीटर बदलना एक नियमित व कानूनी प्रक्रिया है, जिसके लिए उपभोक्ता की अनुमति की आवश्यकता नहीं होती।
महावितरण ने स्पष्ट किया है कि मीटर पूरी तरह निःशुल्क लगाए जा रहे हैं व इस परियोजना के लिए कोई ऋण नहीं लिया गया है, बल्कि इसे केंद्र सरकार की अनुदान राशि से लागू किया जा रहा है।
परिमंडल में अब तक लगाए गए कुल 3 लाख 77 हजार 568 में, शहर मंडल 1,01,999, ग्रामीण मंडल 1,80,026 व जालना मंडल के 95,543 मीटर शामिल है। डिजिटल तकनीक पर आधारित इस मीटर में दिन के अलग-अलग समय के अनुसार बिजली खपत दर्ज की जाती है।
सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच बिजली उपयोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 80 पैसे से 1 रुपए तक की छूट मिल रही है, जो 1 जुलाई 2025 से लागू की गई है।
यदि कोई घरेलू उपभोक्ता प्रति माह 100 यूनिट बिजली उपयोग करता है, तो पहले उसका बिल लगभग 875 रुपए आता था, नई दरों व टीओडी छूट के कारण अब यही बिल घटकर करीब 784 रुपए तक आ सकता है।
सटीक रीडिंग के कारण अब औसत या अनुमानित बिल की समस्या समाप्त ही जाएगी, जितनी खपत होगी, उत्तना ही बिल आएगा। ये मीटर पूरी तरह पोस्टपेड हैं व वर्तमान मासिक बिलिंग व्यवस्था पहले की तरह ही जारी रहेगी, विशेष मोबाइल ऐप के जरिए उपभोक्ता घंटेचकार बिजली खप्त की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।
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प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत सौर पैनल लगाने वालों के लिए ये मीटर लाभकारी है। जी नेट मीटरिंग की सुविधा भी देते हैं, जिससे शिंड को दी गई अतिरिक्त बिजली व स्वयं उपयोग की गई बिजली का सटीक हिसाब रखा जा सकता है। कछोट ने अपील की है कि तकनीक को अपनाकर बिजली बिल में बचत करें।