प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Government Job Craze: छत्रपति संभाजीनगर सरकारी सेवा में स्थिरता, सामाजिक सम्मान और निजी क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता के कारण अब उच्च शिक्षित युवाओं का झुकाव तेजी से पुलिस भर्ती की ओर बढ़ रहा है। छत्रपति संभाजीनगर शहर और ग्रामीण पुलिस बल की हालिया भर्ती प्रक्रिया में बड़ी संख्या में स्नातक, स्नातकोत्तर तथा तकनीकी शिक्षा प्राप्त अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
इससे रोजगार के बदलते परिदृश्य की स्पष्ट झलक मिल रही है। छत्रपति संभाजीनगर पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत 150 पुलिस सिपाही पदों के लिए 7 हजार 693 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
वहीं छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण पुलिस में 49 सिपाही और 4 बैंडसमैन पद सहित कुल 53 रिक्तियों के लिए 4 हजार 341 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इस प्रकार शहर और ग्रामीण क्षेत्र मिलाकर 203 पदों के लिए 12 हजार से अधिक आवेदन आने से प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी हो गई है।
भर्ती प्रक्रिया में कुल 1221 उच्च शिक्षित अभ्यर्थियों की भागीदारी दर्ज की गई है। इनमें बी।ई। के 15, बीटेक के 12, एमबीए के 14, बी। फार्मा के 9, एमएससी। के 27, एलएलबी के 2. एम.कॉम के 43, बीएससी कृषि के 25, बीबीए और बीसीए के 20, एम.ए. के 2, बी.एससी के 363, बी. कॉम के 135 तथा बी.ए. के 554 अभ्यर्थी शामिल हैं।
स्नातक और इंजीनियरिंग डिग्री धारकों द्वारा सिपाही पद के लिए आवेदन किया जाना रोजगार बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और अस्थिरता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि निजी क्षेत्र में संविदा प्रणाली, सीमित वेतन वृद्धि और नौकरी की अनिश्चितता के कारण युवाओं का रुझान सरकारी सेवाओं की ओर बढ़ा है।
नियमित वेतन, पदोन्नति की संभावना और पेंशन जैसी सुविधाएं आकर्षण का प्रमुख कारण बन रही हैं। पुलिस भर्ती में शिक्षित युवकों के अधिक आवेदन आने से बेरोजगारी की तस्वीर खुलकर सामने आ गई है।
भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था भी रियायती दरों पर की गई है, महिला अभ्यर्थियों की भागीदारी भी उत्साहजनक रही है। ग्रामीण भर्ती में 18 पद महिलाओं के लिए आरक्षित है।
ग्रामीण पुलिस भर्ती को राज्य के विभिन्न जिलों से अच्छा प्रतिसाद मिला है। बुलढाणा से 246, नाशिक से 138, परभणी से 123। वाशिम से 44, यवतमाल से 34, अकोला से 29, अमरावती से 24 सोलापुर से 18 और नंदुरबार से 14 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
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कुल मिलाकर 2061 अभ्यर्थी अन्य जिलों से शामिल हुए है। बढ़ते साइबर अपराध और डिजिटल जांच की जटिलताओं को देखते हुए तकनीकी ज्ञान से लैस पुलिस कर्मियों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
कंप्यूटर और विज्ञान पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थी डेटा विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्य संग्रहण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। उच्च शिक्षित युवाओं की बढ़ती भागीदारी को पुलिस बल के आधुनिकीकरण की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। पुलिस भर्ती के समय कतारे लग रही है।