प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Rural Housing Scheme: छत्रपति संभाजीनगर केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत चल रहे आवास निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा विभागीय आयुक्त जितेंद्र पापलकर ने बुधवार को की।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि फरवरी माह के अंत तक शासन द्वारा निर्धारित सभी लक्ष्य हर हाल में पूर्ण किए जाएं, किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। विभागीय आयुक्तालय में आयोजित बैठक में ग्रामीण आवास योजना के साथ राजस्व विभाग की अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में अपर आयुक्त रीता मैत्रेवार तथा महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की मुख्य अभियंता मनीषा पलांडे उपस्थित थी। वीडियो प्रणाली के माध्यम से संभाग के सभी जिलाधिकारी, जिला परिषद के सीईओ तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी जुड़े थे।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई स्थानों पर भूमि की अनुपलब्धता के कारण स्वीकृत आवासों का निर्माण कार्य लंबित है इस पर विभागीय आयुक्त ने निर्देश दिए कि सरकारी, ग्राम पंचायत अथवा अन्य उपलब्ध भूमि का उपयोग कर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए, स्वीकृत आवासों का निर्माण समयबद्ध रूप से प्रारंभ कर निर्धारित अवधि में पूर्ण किया जाए प्रगति प्रतिवेदन नियमित और अद्यतन स्वरूप में प्रस्तुत किए।
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जाएं जिलावार प्रस्तुत प्रतिवेदनी के आधार पर स्वीकृत, पूर्ण तथा लंबित आवासों की समीक्षा की गई, जिन जिलों में कार्य की गति धीमी है वहां विशेष निगरानी रखने और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए योजना के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा समयपालन अनिवार्य बताया गया, ग्रामीण क्षेत्र के गरीब और वंचित परिवारों को उनका अधिकारिक आवास उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है।