छत्रपति संभाजीनगर मनपा की रिकॉर्डतोड़ वसूली, डेढ़ महीने में हुई 100 करोड़ की मोटी कमाई

छत्रपति संभाजी नगर महानगर पालिका ने पिछले डेढ़ महीने में रिकॉर्ड ब्रेकिंग परफॉर्मेंस दिया है। मनपा के संपत्ति कर वसूली के मामले में शास्ती से आजादी और शास्ती से मुक्ति अभियान चलाकर 100 करोड़ कमाएं है।
mira-bhayander-municipal-property-tax-collection-record-2025-26-mbmc
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: महानगरपालिका संपत्ति कर वसूली के लिए शास्ती से आजादी और शास्ती से मुक्ति अभियान चला रही है। इसमें बकाया जुर्माने पर पहले महीने में 95 प्रतिशत और दूसरे महीने में 75 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

इस अभियान के चलते 15 जुलाई से 31 अगस्त तक सिर्फ डेढ़ महीने में मनपा के खजाने में कुल 99 करोड़ 20 लाख रुपये जमा हुए। जिसमें संपत्ति कर के 94 करोड़ 20 लाख रुपये और जल कर के 5 करोड़ रुपए शामिल हैं।

यह मनपा के इतिहास में रिकॉर्ड तोड़ वसूली है। अब 1 सितंबर से जुर्माने पर 75 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, ऐसा उपायुक्त विकास नवले ने बताया, प्रशासन ने संपत्ति और जल कर की वसूली के लिए संपत्ति मालिकों को अप्रैल, मई और जून तीन महीनों के लिए सामान्य कर में राहत दी। फिर भी, प्रशासन 14 जुलाई तक 63 करोड़ रुपये वसूलने में कामयाब रहा। चूंकि मनपा की रियायतों के बावजूद वसूली के आंकड़े नहीं बढ़ रहे थे।

15 जुलाई से 15 अगस्त तक चला अभियान

इसमें 15 जुलाई से 15 अगस्त तक अभियान चलाया गया और 16 अगस्त से 16 सितंबर तक शास्ती से आजादी लागू की गई। शास्ती से आजादी को बकायादारों ने अच्छा प्रतिसाद दिया, महज एक महीने में 37 हजार 259 बकायादारों ने संपत्ति कर में कुल 82 करोड़ 57 लाख रुपए और जल कर में 3 करोड़ 50 लाख रुपए कुल 86 करोड़ 7 लाख रुपए वसूल किए। इसलिए, जुर्माने पर 95 प्रतिशत छूट को 31 अगस्त तक बढ़ा दिया गया था। इन 15 दिनों में 6 हजार 81 बकायादारों ने संपत्ति कर के रूप में कुल 11 करोड़ 63 लाख रुपए और जल कर के रूप में 1 करोड़ 500 लाख रुपए, कुल 13।13 करोड़ रुपए वसूले। जबकि डेढ़ महीने के अभियान मे 43 हजार 340 बकायादारों ने संपत्ति कर के रूप में कुल 94।20 करोड़ रुपए और जल कर के रूप में 5 करोड़ रुपए, कुला 99।20 करोड़ रुपए का भुगतान किया।

1,300 करोड़ बकाये का लक्ष्य

मनपा का संपत्ति कर बकाया बाज सहित 1.300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। हर साल मनाया कजट में स्वीकृत कर वसुली के लक्ष्य के आसपास भी नहीं पहुंच पाती। इस साल प्रशासन को संपति कर और जल कर के रूप में लगभग 850 करोड़ रुपये वसूलने का लक्ष्य दिया गया है। इसमें से प्रशासन को अकेले संपति कर के रूप में 700 करोड़ रुपये वसूलने है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com