
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर मनपा चुनाव में 57 सीटों पर जीत हासिल कर मैजिक फिगर तक पहुंचने के बाद शहरवासियों की नजरें महापौर पद पर है। महापौर पद के लिए आरक्षण ड्रॉ अब तक निकाला नहीं गया है व अगले सप्ताह में समूचे राज्य की 29 मनपाओं में यह प्रक्रिया पूर्ण होने की संभावना है।
आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही महापौर पद के लिए आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया पूरी होने में 10 से 12 दिनों का समय लग सकता है व जनवरी के अंत तक छत्रपति संभाजीनगर को नया महापौर मिलने के संकेत हैं। मनपा में गत पांच वर्षों से अधिक समय तक प्रशासक राज रहा।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद आखिरकार मनधा चुनाव कराए गए। 15 जनवरी को मतदान व 16 जनवरी को मतगणना पूरी की गई। इस चुनाव में भाजपा ने जोरदार प्रदर्शन कर तमाम अनुमानों को गलत साबित कर 115 सदस्यीय सभागृह में 57 सीटें अपनी झोली में डाल दी।
बहुमत के लिए भाजपा को महज एक और नगरसेवक की जरूरत है। मनपा के इतिहास में पहली बार कोई पार्टी के स्पष्ट बहुमत के करीब पहुंची है। अब तक के मनपा के इतिहास में सभी दलों ने बैसाखियां लेकर अर्थात गठबंधन कर सत्ता स्थापित की है।
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57 सीटों के साथ महापौर पद हथियाने पार्टी के इच्छुकों ने प्रयास तेज कर दिए हैं। महापौर पद के लिए किस वर्ग का आरक्षण निकलता है, उसी आधार पर उम्मीदवार का नाम तय होगा।






