Chhatrapati Sambhajinagar heritage lab (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Heritage Lab: छत्रपति संभाजीनगर, आठ फरवरी (भाषा)। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका और भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट (INTACH) ने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए एक विशेष प्रयोगशाला स्थापित करने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
मराठवाड़ा क्षेत्र में हजारों ऐतिहासिक कलाकृतियां, चित्रकारी और प्राचीन पांडुलिपियां मौजूद हैं, लेकिन वैज्ञानिक संरक्षण सुविधाओं की कमी के कारण इनका अस्तित्व लंबे समय से खतरे में है। इस कमी को ध्यान में रखते हुए महानगरपालिका और ट्रस्ट ने क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए एक पेशेवर और दीर्घकालिक समाधान प्रदान करने हेतु यह साझेदारी की है।
भारत भर में ट्रस्ट द्वारा संचालित पांच संरक्षण प्रयोगशालाओं में से छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय परिसर में स्थापित की जाने वाली यह नई सुविधा महाराष्ट्र में अपनी तरह की पहली प्रयोगशाला होगी। पिछले सप्ताह आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें प्रयोगशाला की रूपरेखा, संचालन प्रक्रिया और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। नगर आयुक्त एवं प्रशासक जी. श्रीकांत और ट्रस्ट की स्थानीय शाखा की संयोजक माया वैद्य ने शनिवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
श्रीकांत ने बताया कि यह प्रयोगशाला न केवल शहर बल्कि पूरे मराठवाड़ा क्षेत्र की सेवा करेगी। उन्होंने कहा, “राज्य में हमारी यह एकमात्र महानगरपालिका है, जो एक ऐतिहासिक संग्रहालय का प्रबंधन करती है। यह प्रयोगशाला पूरे क्षेत्र के लिए विरासत संरक्षण का एक प्रमुख केंद्र बनेगी।
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”स्थानीय स्तर पर कलाकृतियों, मूर्तियों और ऐतिहासिक दस्तावेजों के वैज्ञानिक संरक्षण की सुविधा उपलब्ध होने से एक बड़ा सकारात्मक बदलाव आएगा। माया वैद्य ने बताया कि ट्रस्ट के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आम नागरिक भी अपने निजी संग्रह और ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण के लिए इन सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)