मध्य पूर्व तनाव का असर, गैस संकट से संभाजीनगर के उद्योग प्रभावित; कई फैक्ट्रियां बंद
Chhatrapati Sambhajinagar Gas Shortage: मध्य पूर्व में तनाव के कारण गैस आपूर्ति बाधित होने से संभाजीनगर के वालुज MIDC सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों का उत्पादन प्रभावित हो गया है।
- Written By: अंकिता पटेल
Chhatrapati Sambhajinagar Industrial Gas Supply Crisis( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Industrial Gas Supply Crisis: छत्रपति संभाजीनगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण उद्योगों को मिलने वाली गैस आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर शहर के औद्योगिक क्षेत्रों पर पड़ रहा है।
वालुज एमआईडीसी सहित अन्य औद्योगिक वसाहतों में कई उद्योग पिछले सप्ताह से बंद हो गए हैं, जिससे कामगारों में चिंता का माहौल है। शहर व आसपास के पांच औद्योगिक क्षेत्रों में सात हजार से अधिक छोटे-बड़े उद्योग संचालित हैं, जिनमें से कई उत्पादन के लिए गैस पर निर्भर हैं।
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बाद से गैस आपूर्ति बाधित हुई है, जिसके चलते कई उद्योगों ने उत्पादन बंद कर दिया है। कुछ उद्योगों ने वैकल्पिक रूप से इलेवट्रिक साधनों का सहारा लिया है।
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उद्योग संगठनों ने गैस वितरण कंपनियों के अधिकारियों से संपर्क कर आपूर्ति सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सीएमआईए और मासिआ जैसी संस्थाओं ने इस दिशा में पहल की है और उन्हें सकारात्मक संकेत भी मिले हैं।
जहां गैस पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। शेंद्रा, चिकलथाना व चितेगांव जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में गैस पाइपलाइन न होने से वहां के उद्योगों को अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
गैस की किल्लत से रोजगार का संकट
उद्योगों के बंद होने से कामगारों की चिंता बढ़ गई है। खासकर बाहरी राज्यों से आए मजदूरों को घरेलू गैस सिलेंडर की कमी का भी सामना करना पड़ रहा है, होटली में भी गैस की उपलब्धता सीमित होने से आने वाले दिनों में स्थिति और गभीर हो सकती है।
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सूत्रों के अनुसार कुछ उद्योगों में कामगार अपने गांव लौटने की योजना पर विचार कर रहे है। यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो उद्योग व कामगार दोनों के लिए यह संकट गहरा सकता है।
