बिजली कटौती की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशत मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Electricity Crisis: छत्रपति संभाजीनगर शहर में सूरज की तपिश और भीषण गर्मी के बीच अब बिजली की आंख-मिचौली ने नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। शहर के प्रमुख इलाकों जैसे शहागंज, रोशन गेट, कटकट गेट, बायजीपुरा और टीवी सेंटर में पिछले कुछ दिनों से अघोषित बिजली कटौती की समस्या गंभीर हो गई है। तापमान में लगातार हो रही वृद्धि के बीच बार-बार बिजली गुल होने से लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
स्थानीय निवासियों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि बिजली कटौती का कोई निश्चित समय नहीं है। दिन के समय तो काम प्रभावित होते ही हैं, लेकिन रात के समय घंटों बिजली गायब रहने से बुजुर्गों, मरीजों और छोटे बच्चों की हालत खराब हो रही है। लोगों का कहना है कि उमस और गर्मी के कारण घरों के भीतर रुकना नामुमकिन हो जाता है, जिससे उन्हें पूरी रात बाहर बितानी पड़ रही है।
बिजली की इस अनियमितता ने न केवल घरेलू जीवन बल्कि स्थानीय व्यापार को भी चोट पहुंचाई है। छोटे व्यवसायी जैसे फोटोकॉपी शॉप, टेलरिंग, और खाद्य पदार्थों के व्यापारियों को बिजली न होने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अचानक बिजली जाने से पानी की मोटरों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग बाधित हो गया है, जिससे गृहिणियों को भारी असुविधा हो रही है।
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जब इस संबंध में विद्युत विभाग (महावितरण) के अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि गर्मी के कारण बिजली की मांग (Load) अचानक बढ़ गई है। विभाग के अनुसार, ट्रांसफॉर्मर और सप्लाई लाइनों में तकनीकी खराबी आने के कारण आपूर्ति बाधित हो रही है। अधिकारियों का दावा है कि मेंटेनेंस टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं और जल्द ही आपूर्ति को सुचारू कर दिया जाएगा।
शहरवासियों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि कम से कम रात के समय और दोपहर की भीषण गर्मी के दौरान बिजली कटौती न की जाए। नागरिकों का कहना है कि यदि तकनीकी खराबी की समस्या पुरानी है, तो इसे पहले ही क्यों ठीक नहीं किया गया? फिलहाल, जनता को इस भीषण गर्मी से राहत मिलने का इंतजार है।