छत्रपति संभाजीनगर में शुरू हुआ आयुष वेलनेस सेंटर, नागरिकों को मिलेगा पारंपरिक उपचार
AYUSH Ministry Wellness Services: संभाजीनगर में सीजीएचएस के अंतर्गत आयुष वेलनेस सेंटर शुरू हुआ। यहां आयुर्वेद सहित योग, यूनानी, सिद्ध व होम्योपैथी की सेवाएं मिलेंगी।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar CGHS Wellness Yoga Therapy: छत्रपति संभाजीनगर सीजीएचएस के अंतर्गत शुरू किए गए आयुष वेलनेस सेंटर के माध्यम से नागरिकों को आयुर्वेद एवं पारंपरिक उपचार पद्धतियों का लाभ मिलेगा। यह स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, ऐसा आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा।
वे केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आयुष व सीजीएचएस वेलनेस सेंटर के उद्घाटन पर बोल रहे थे। इस मौके पर विधायक बाबुराव कोहलीकर, केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर तथा केंद्रीय उत्पाद शुल्क कार्यालय के आयुक्त प्रदीप गुरुमूर्ति, स्वास्थ्य विभाग के सहायक निदेशक दयानंद मोतीपवले, मनपा के चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पारस मंडलेचा, शिक्षा विभाग के उपायुक्त डॉ. अंकुश पांढरे व डॉ. सीपी चौधरी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, डॉक्टर, कर्मचारी एवं नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।
जाधव ने कहा कि वर्ष 2023 में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने सीजीएचएस केंद्र का वर्चुअल उद्घाटन किया था। इसके बाद यहां एलोपैथी सहित आधुनिक उपचार सुविधाएं शुरू की गई, जो शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण शुरुआत रही।
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नागरिकों की बढ़ती अपेक्षाओं व स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आयुष विभाग शुरू करने का निर्णय लिया गया, जिसकी आज प्रभावी रूप से शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है।
साथ ही योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इस वेलनेस सेंटर से नागरिकों की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी व उपचार खर्च में भी कमी आएगी।
आयुष पद्धतियों के माध्यम से प्रभावी नियंत्रण संभव
सरकार उपचार के साथ-साथ निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दे रही है व ‘उपचार से बेहतर है रोकथाम के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तनाव व अनिद्रा जैसी बीमारियों में वृद्धि हो रही है, जिन पर आयुष पद्धतियों के माध्यम से प्रभावी नियंत्रण संभव है।
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उन्होंने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, योग व ध्यान अपनाने का आह्वान किया, उन्होंने यह भी जानकारी दी कि देश में आयुष क्षेत्र में प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या बढ़ रही है व नई पीढ़ी का रुझान इस क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। मनपा, नगरपालिका एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष य सीजीएचएस केंद्रों का विस्तार किया जाएगा।
