परिपूर्ण मेडिक्लेम आयुष बीमा… CGHS लाभार्थियों को मिलेगा 20 लाख का नया हेल्थ कवर

CGHS Mediclaim Scheme: सरकार ने CGHS लाभार्थियों के लिए 'परिपूर्ण मेडिक्लेम आयुष बीमा' शुरू किया है। इसमें 20 लाख तक का अतिरिक्त कवर, कैशलेस इलाज और आयुष पद्धति की सुविधाएं सस्ती दरों पर मिलेंगी।
Paripoorna Mediclaim Ayush Bima: New 20 Lakh Health Cover For CGHS Beneficiaries Launched
परिपूर्ण मेडिक्लेम आयुष बीमा' (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Paripoorna Mediclaim Ayush Bima: केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक नई स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का उपहार दिया है। वित्त मंत्रालय के अधीन डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने परिपूर्ण मेडिक्लेम आयुष बीमा को लॉन्च किया है। यह योजना मौजूदा CGHS सुविधाओं के अलावा लाभार्थियों को 20 लाख रुपये तक का अतिरिक्त सुरक्षा कवच प्रदान करेगी। इस नई और प्रभावी पहल का मुख्य उद्देश्य गंभीर बीमारियों के समय कर्मचारियों के वित्तीय बोझ को कम करना है।

यह योजना विशेष रूप से CGHS लाभार्थियों के लिए एक वैकल्पिक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के रूप में डिजाइन की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य बड़े नेटवर्क अस्पतालों में कैशलेस और आधुनिक चिकित्सा की अतिरिक्त सुविधा प्रदान करना है। इससे इलाज के दौरान होने वाले भारी खर्चों की चिंता कम होगी और आधुनिक सुविधाएं सुलभ हो सकेंगी।

पात्रता और कवरेज सीमा

इस पॉलिसी के तहत एक परिवार के अधिकतम 6 सदस्य जिसमें कर्मचारी और उनके आश्रित शामिल हो सकते हैं। लाभार्थी अपनी जरूरत के हिसाब से 10 लाख या 20 लाख रुपये का सम इंश्योर्ड विकल्प चुन सकते हैं। इसका कवरेज पूरे भारत में प्रभावी होगा जो इन-पेशेंट हॉस्पिटलाइजेशन के खर्चों को पूरी तरह कवर करता है।

को-पेमेंट और प्रीमियम

योजना में प्रीमियम को सस्ता रखने के लिए 70:30 और 50:50 का विशेष को-शेयरिंग मॉडल दिया गया है। इसमें खर्च का एक हिस्सा बीमा कंपनी देगी और बाकी हिस्सा लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा। इसी को-पेमेंट विकल्प की वजह से इसका प्रीमियम बाजार की सामान्य पॉलिसियों के मुकाबले काफी किफायती है।

रूम रेंट की सीमा

अस्पताल में भर्ती होने पर नॉर्मल रूम के लिए सम इंश्योर्ड का 1 प्रतिशत प्रतिदिन की सीमा तय है। ICU में इलाज के लिए यह डेली लिमिट सम इंश्योर्ड के 2 प्रतिशत के बराबर निर्धारित की गई है। इसके साथ ही अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद के खर्चों को भी इसमें शामिल किया गया है।

आयुष पद्धतियों का समावेश

इस बीमा स्कीम की सबसे बड़ी विशेषता आयुर्वेद, योग और यूनानी जैसे आयुष इलाजों का कवरेज है। सिद्ध और होम्योपैथी जैसी चिकित्सा पद्धतियों को भी इन-पेशेंट हॉस्पिटलाइजेशन के तहत कवर किया गया है। यह लाभार्थियों को अपनी पसंद की चिकित्सा पद्धति से इलाज कराने की पूरी आजादी और सुरक्षा देती है।

बोनस और टैक्स लाभ

योजना के प्रीमियम पर कोई GST नहीं लिया जाएगा जिससे यह लाभार्थियों के लिए और भी सस्ती होगी। अगर किसी साल क्लेम नहीं लिया जाता है तो लाभार्थियों को 10 फीसदी का क्यूमुलेटिव बोनस मिलेगा। यह बोनस हर साल बढ़ते हुए अधिकतम 100 फीसदी तक जा सकता है जो पॉलिसी को और आकर्षक बनाता है।

बीमा प्रदाता और खरीद

यह विशेष पॉलिसी न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के माध्यम से लाभार्थियों को मुहैया कराई जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे गंभीर बीमारियों के समय लाभार्थियों को अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा प्राप्त होगी। यह स्कीम CGHS के साथ मिलकर एक संपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा तंत्र के रूप में कार्य करेगी।

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